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Uttarakhand-weather- उत्तराखंड में 7 जून तक मौसम रहेगा खराब, चारधाम यात्रियों के लिए एडवाइजरी जारी

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Uttarakhand-weather: देहरादून: उत्तराखंड में प्री-मानसून की गतिविधियों और पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने के कारण मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। मौसम विज्ञान केंद्र (IMD) ने राज्य के सभी 13 जिलों के लिए ‘यलो अलर्ट’ जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में आगामी 7 जून तक मौसम का रुख ऐसा ही बना रहेगा और लोगों को तेज आंधी-तूफान के साथ मूसलाधार बारिश का सामना करना पड़ सकता है।

नैनीताल में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश

पिछले 24 घंटों की बात करें तो कुमाऊं मंडल के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल नैनीताल में राज्य की सबसे ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। नैनीताल और उसके आस-पास के इलाकों में रात भर हुई भारी बारिश के कारण नदी-नाले उफान पर हैं और मैदानी इलाकों से आने वाले पर्यटकों को भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। नैनीताल के अलावा चंपावत, पिथौरागढ़ और बागेश्वर में भी तेज बौछारें पड़ी हैं।

ऊंचे पहाड़ों पर बर्फबारी के आसार, लुढ़का पारा

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि मैदानी और मध्यम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में जहां 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झक्कड़ (आंधी) चलने और बिजली गिरने की आशंका है, वहीं 3500 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले पर्वतीय क्षेत्रों में ताजा बर्फबारी (Snowfall) देखने को मिल सकती है। केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री की ऊंची चोटियों पर बर्फबारी के आसार के चलते पूरी घाटी में तापमान तेजी से गिरा है, जिससे जून के महीने में भी कड़ाके की ठंड का अहसास होने लगा है।

7 जून तक यात्रियों और स्थानीय लोगों को सतर्क रहने की हिदायत

मौसम विभाग के निदेशक के अनुसार, 7 जून तक राज्य में मौसम लगातार खराब रहेगा। पहाड़ी रास्तों पर भूस्खलन (Landslide) और चट्टानें गिरने का खतरा बढ़ गया है। प्रशासन ने चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय निवासियों को सतर्क रहने की सलाह दी है। यात्रियों से अपील की गई है कि वे मौसम का अपडेट देखकर ही अपनी यात्रा की योजना बनाएं और संवेदनशील इलाकों में सफर करने से बचें।