Uttarakhand News : मुर्गीबाड़े में घुसा गुलदार, 2 घंटे के रेस्क्यू के बाद पकड़ा गयापौड़ी गढ़वाल, 3 जून 2026: उत्तराखंड के पहाड़ी और मैदानी इलाकों में गुलदार का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताज़ा मामला उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल ज़िले से सामने आया है, जहाँ एक गुलदार रात के अंधेरे में शिकार की तलाश में गाँव के किनारे स्थित एक मुर्गीबाड़े में घुस गया। गुलदार ने बाड़े में रखी 10 मुर्गियों को अपना शिकार बना लिया। मुर्गियों की चीख-पुकार और फड़फड़ाहट सुनकर मौके पर दौड़े गाँव वालों के होश उड़ गए, जब उन्होंने देखा कि गुलदार बाड़े में ही फंसा हुआ है।
वन विभाग की टीम ने लगभग दो घंटे के कड़े रेस्क्यू अभियान के बाद गुलदार को ट्रेंकुलाइज़ कर सुरक्षित बाहर निकाला और उसे पिंजरे में कैद कर लिया।
कैसे हुआ यह रोमांचक वाकया?
जानकारी के अनुसार, घटना पौड़ी गढ़वाल ज़िले के एक सुदूरवर्ती गाँव की है। रात के अंधेरे में, जब सारा गाँव सो रहा था, एक भूखा गुलदार शिकार की तलाश में गाँव में घुस आया। वह गाँव के किनारे स्थित एक स्थानीय ग्रामीण के मुर्गीबाड़े की ओर बढ़ा और उसमें घुसने में कामयाब रहा।
मुर्गियों की आवाज़ और गाँव वालों की दौड़
बाड़े में घुसते ही गुलदार ने मुर्गियों पर हमला कर दिया। मुर्गियों की चीख-पुकार और फड़फड़ाहट सुनकर बाड़े के मालिक और आसपास के लोग जाग गए। वे लाठी-डंडे लेकर बाड़े की ओर दौड़े। टॉर्च की रोशनी में बाड़े के अंदर का नज़ारा देखकर सभी की सांसें थम गईं। एक विशाल गुलदार बाड़े के अंदर था और उसने कई मुर्गियों को मार डाला था।
लोगों को देखकर गुलदार आक्रामक हो गया और बाड़े में इधर-उधर भागने लगा, लेकिन बाहर निकलने का रास्ता नहीं मिल पाया। गाँव वालों ने तुरंत बाड़े का दरवाज़ा बाहर से बंद कर दिया।
दहशत और वन विभाग को सूचना
गुलदार के बाड़े में फंसने की खबर आग की तरह फैल गई और मौके पर बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हो गए। लोगों में दहशत का माहौल था, क्योंकि उन्हें डर था कि अगर गुलदार बाहर निकल गया तो वह किसी पर भी हमला कर सकता है। गाँव वालों ने तुरंत वन विभाग को घटना की सूचना दी और टीम के पहुँचने तक मौके पर पहरा दिया।
दो घंटे का कड़ा रेस्क्यू अभियान
सूचना मिलते ही वन विभाग की एक विशेष टीम मौके पर पहुँची। टीम के साथ एक वेटरनरी डॉक्टर (पशु चिकित्सक) भी था। गुलदार बाड़े में फंसा हुआ था और बहुत आक्रामक था। टीम ने सबसे पहले मौके पर इकट्ठा भीड़ को नियंत्रित किया।
इसके बाद, गुलदार को सुरक्षित पकड़ने के लिए ट्रेंकुलाइज़ (बेहोश) करने का फैसला लिया गया। टीम ने सावधानीपूर्वक बाड़े के एक छेद से गुलदार को ट्रेंकुलाइज़ करने के लिए डाट (Dart) दागी।
ट्रेंकुलाइज़ और सुरक्षित रेस्क्यू
डाट लगने के कुछ ही मिनटों बाद गुलदार बेसुध हो गया। डॉक्टर ने पुष्टि की कि गुलदार बेहोश है। इसके बाद, वन विभाग की टीम ने बाड़े का दरवाज़ा खोला और गुलदार को सुरक्षित रूप से बाहर निकाला। उसे एक पिंजरे में रखा गया। टीम ने गुलदार की स्वास्थ्य जाँच की।
गुलदार को जंगल में छोड़ा गया
वन अधिकारियों के अनुसार, पकड़ा गया गुलदार पूरी तरह स्वस्थ है। उसे आवश्यक चिकित्सा जाँच और निगरानी के बाद आबादी वाले क्षेत्र से दूर घने जंगल में छोड़ दिया गया है। गुलदार को पकड़ने के बाद गाँव वालों ने राहत की सांस ली है। इस घटना में गुलदार ने बाड़े में रखी 10 मुर्गियों को मार डाला।
वन विभाग की अपील
क्षेत्र के रेंज अधिकारी ने बताया, “हमें रात में गाँव में एक मुर्गीबाड़े में गुलदार के फंसने की सूचना मिली थी। हमारी टीम तुरंत मौके पर पहुँची और देखा कि गुलदार बाड़े के अंदर है। हमने सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करते हुए गुलदार को ट्रेंकुलाइज़ किया और सुरक्षित बाहर निकाला। गुलदार स्वस्थ है और उसे जंगल में छोड़ दिया गया है। हम ग्रामीणों से अपील करते हैं कि वे रात के समय सतर्क रहें और अपने मवेशियों व पोल्ट्री के बाड़ों को सुरक्षित रखें।”