उत्तराखंड में ‘SIR’ अभियान की शुरुआत: घर-घर पहुंचेंगे BLO, वोटर लिस्ट में फर्जीवाड़ा मिला तो घर आएगा नोटिस

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उत्तराखंड में मतदाता सूची को पूरी तरह से पारदर्शी और सटीक बनाने के लिए चुनाव आयोग ने एक बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर (Special Intensive Revision – SIR) की शुरुआत हो गई है। इसका मुख्य उद्देश्य फर्जी मतदाताओं की पहचान कर उन्हें लिस्ट से बाहर करना और नए व योग्य वोटरों को शामिल करना है।

इस प्रक्रिया के तहत अब बीएलओ (BLO – Booth Level Officer) घर-घर जाकर मतदाताओं से सीधा संपर्क करेंगे। अगर इस दौरान किसी की जानकारी में कोई गड़बड़ी पाई गई या डबल एंट्री मिली, तो सीधा नोटिस जारी किया जाएगा।

घर-घर जाकर गणना फॉर्म बांटेंगे BLO

मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के अनुसार, 8 जून 2026 से लेकर 7 जुलाई 2026 तक पूरे प्रदेश में डोर-टू-डोर अभियान चलाया जाएगा। इस एक महीने के दौरान बीएलओ हर मतदाता के घर पहुंचेंगे और उन्हें ‘गणना प्रपत्र’ (Enumeration Form) देंगे।

इस फॉर्म में मतदाता की पुरानी जानकारी पहले से प्रिंटेड (Pre-printed) होगी। लोगों को अपने विवरण को चेक करना है और जरूरी अपडेट्स (जैसे नई कलर फोटो, परिवार के नए सदस्यों के नाम) भरकर फॉर्म बीएलओ को वापस सौंपना होगा।

घर पर नहीं मिले तो क्या होगा?

कई बार नौकरी या अन्य कारणों से लोग दिन में घर पर नहीं मिलते हैं। इसे ध्यान में रखते हुए चुनाव आयोग ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अगर पहली बार में कोई मतदाता घर पर नहीं मिलता है, तो बीएलओ को उस घर में तीन बार विजिट करनी होगी। मकसद यही है कि कोई भी असली मतदाता इस प्रक्रिया से छूट न जाए।

2003 की वोटर लिस्ट से होगा मिलान, फर्जी वोटर्स पर गिरेगी गाज

इस बार की SIR प्रक्रिया बेहद सख्त है। राज्य निर्वाचन आयोग की टीम साल 2003 की मतदाता सूची से वर्तमान सूची का मिलान कर रही है। अगर चेकिंग के दौरान पाया गया कि:

  1. किसी मतदाता का नाम दो जगहों पर दर्ज है (डबल एंट्री)।
  2. किसी ऐसे व्यक्ति का नाम लिस्ट में है जिसकी मृत्यु हो चुकी है।
  3. बाहर से आए लोगों ने गलत तरीके से वोटर आईडी बनवा ली है।

तो ऐसी सभी ‘गड़बड़ियों’ पर तत्काल एक्शन लिया जाएगा और संबंधित व्यक्ति के घर नोटिस भेजा जाएगा। फर्जी नाम सूची से हमेशा के लिए डिलीट कर दिए जाएंगे।

क्या आप ऑनलाइन भी भर सकते हैं यह फॉर्म?

जी हां, अगर आप किसी कारणवश बीएलओ से नहीं मिल पा रहे हैं, तो आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है। अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे के अनुसार, प्रदेश के मतदाता ‘ईसीआई नेट ऐप’ (ECI Net App) या ‘voters.eci.gov.in’ पोर्टल के माध्यम से अपना गणना फॉर्म ऑनलाइन भी डाउनलोड कर सकते हैं। आप पोर्टल पर लॉगिन करके अपनी डिटेल्स वेरिफाई कर सकते हैं और फॉर्म सबमिट कर सकते हैं।

आगे क्या है आयोग का शेड्यूल?

  • डोर-टू-डोर अभियान: 8 जून से 7 जुलाई 2026
  • ड्राफ्ट रोल (प्रारंभिक सूची) का प्रकाशन: 14 जुलाई 2026
  • दावे और आपत्तियां दर्ज करने का समय: 14 जुलाई से 13 अगस्त 2026
  • अंतिम वोटर लिस्ट का प्रकाशन: 15 सितंबर 2026

निष्कर्ष: उत्तराखंड में SIR की यह प्रक्रिया चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने की दिशा में एक अहम कदम है। एक जागरूक नागरिक होने के नाते यह आपकी जिम्मेदारी है कि जब बीएलओ आपके घर आएं, तो उन्हें सही जानकारी दें ताकि एक साफ-सुथरी और सटीक मतदाता सूची तैयार हो सके।