UP News-अंतरधार्मिक विवाह बना चर्चा का विषय, 6 घंटे की पुलिस पंचायत के बाद सानिया बनीं अमन की दुल्हन

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UPNews-यूपी के प्रतापगढ़ जिले से एक बेहद दिलचस्प और दिल को छू लेने वाली खबर सामने आई है। आमतौर पर जब भी दो अलग-अलग धर्मों के लोग शादी करने का फैसला करते हैं, तो समाज और परिवारों के बीच भारी तनाव देखने को मिलता है। लेकिन पट्टी कोतवाली क्षेत्र में जो हुआ, वह अपने आप में एक मिसाल है। यहां सानिया बानो और अमन कुमार ने तमाम सामाजिक बेड़ियों और मजहबी दीवारों को तोड़ते हुए एक-दूसरे का हाथ थाम लिया है।

इस प्रेम कहानी की सबसे खास बात यह रही कि इसे अंजाम तक पहुंचाने में किसी तरह का कोई हंगामा या हिंसा नहीं हुई। प्रतापगढ़ अंतरधार्मिक विवाह का यह मामला पुलिस तक जरूर पहुंचा, लेकिन वहां खाकी वर्दी का एक अलग ही मानवीय और समझदारी भरा चेहरा देखने को मिला।

प्रतापगढ़ अंतरधार्मिक विवाह: जब थाने में चली 6 घंटे लंबी पंचायत

दरअसल, जब सानिया और अमन के प्यार के बारे में उनके परिवारों को भनक लगी, तो समाज की पुरानी रवायतों के चलते एक अनकहा तनाव पैदा हो गया। बात बढ़ते-बढ़ते पट्टी कोतवाली तक जा पहुंची। पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि इस संवेदनशील मुद्दे को बिना कानून-व्यवस्था बिगड़े कैसे सुलझाया जाए। ऐसे में पुलिस महकमे ने सख्ती दिखाने के बजाय संवाद का रास्ता चुना।

बताया जा रहा है कि कोतवाली परिसर में ही दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठाकर बातचीत का सिलसिला शुरू किया गया। यह ‘पुलिस पंचायत’ कोई छोटी-मोटी नहीं थी, बल्कि पूरे 6 घंटे तक चली। इस दौरान पुलिस अधिकारियों ने दोनों परिवारों को कानूनी पहलुओं के साथ-साथ सामाजिक नजरिए से भी समझाया कि जब बालिग लड़का-लड़की एक साथ जीवन बिताना चाहते हैं, तो उसमें अड़चन डालना ठीक नहीं है।

सानिया के पिता ने पेश की नजीर, दिया बेटी का साथ

इस पूरी कहानी में सबसे अहम और भावुक कर देने वाला किरदार सानिया बानो के पिता का रहा। अक्सर ऐसे मामलों में हमने देखा है कि सबसे ज्यादा कड़ा विरोध लड़की पक्ष की तरफ से ही होता है। लेकिन घंटों चली इस मैराथन पंचायत के बाद सानिया के पिता ने जो फैसला लिया, उसने हर किसी का दिल जीत लिया। उन्होंने अपनी बेटी की खुशी और उसके फैसले को झूठी सामाजिक शान से ऊपर रखा।

पिता ने खुले दिल से इस रिश्ते पर अपनी रजामंदी की मुहर लगा दी। उनकी सहमति मिलते ही थाने का वह तनाव भरा माहौल, जिसमें कुछ देर पहले तक आशंकाएं तैर रही थीं, अचानक खुशी और राहत में तब्दील हो गया।

मंदिर में गूंजे मंत्र और जीत गई मोहब्बत

सारी बाधाएं पार होने के बाद, सानिया और अमन ने स्थानीय मंदिर का रुख किया। वहां उन्होंने बिना किसी डर या दबाव के एक-दूसरे को वरमाला पहनाई और शादी के बंधन में बंध गए।

असल में, आज के दौर में जहां छोटी-छोटी बातों पर बड़े-बड़े सांप्रदायिक विवाद खड़े हो जाते हैं, प्रतापगढ़ की यह घटना एक बहुत बड़ा संदेश देती है। बिना किसी शोर-शराबे के, पुलिस की सूझबूझ और एक पिता की समझदारी ने दो प्यार करने वालों की दुनिया बसा दी। अब पूरे इलाके में सानिया और अमन की यह अनोखी शादी हर किसी की जुबान पर है और लोग पुलिस के साथ-साथ लड़की के पिता की भी जमकर तारीफ कर रहे हैं।