Kanwar Yatra Guidelines : हरिद्वार/मेरठ। भगवान शिव की आराधना का सबसे पवित्र महीना ‘सावन’ जल्द ही शुरू होने वाला है। इस साल (2026) कांवड़ यात्रा की शुरुआत 30 जुलाई से होगी और इसका समापन 11 अगस्त को सावन शिवरात्रि के दिन होगा। इस दौरान लाखों की संख्या में शिवभक्त हरिद्वार से गंगाजल लेकर अपने आराध्य देव का जलाभिषेक करने निकलेंगे। यात्रियों की भारी भीड़ और सुरक्षा को देखते हुए उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड सरकार ने कड़े नियम और एडवाइजरी जारी कर दी है।
10 फीट से ऊंची कांवड़ को नो-एंट्री कांवड़ यात्रा के दौरान सबसे ज्यादा शिवभक्त पश्चिमी यूपी के मेरठ जोन से होकर गुजरते हैं। ऐसे में यहां सुरक्षा के सबसे व्यापक इंतजाम किए गए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी प्रकार की विद्युत दुर्घटना (Current) से बचने के लिए डाक कांवड़, पैदल कांवड़ व झांकियों की ऊंचाई 10 फीट तक ही सीमित रहेगी। 10 फीट से ऊंची कांवड़ को हरिद्वार से यूपी की सीमा में प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
हथियार, नशा और जुगाड़ वाहन पर सख्त बैन हरिद्वार पुलिस ने भी कांवड़ियों के लिए एक विशेष एडवाइजरी जारी की है। इस बार की यात्रा में निम्नलिखित चीजों पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध रहेगा:
- नुकीले हथियार: त्रिशूल, भाला, तलवार या अन्य कोई भी धारदार हथियार लेकर चलने पर सख्त कार्रवाई होगी।
- वाहन के नियम: यात्रा में जुगाड़ वाहन और तेज आवाज वाले रेट्रो साइलेंसर (Retro Silencers) का प्रयोग पूरी तरह बैन रहेगा।
- नशा: नशा करके कांवड़ यात्रा में शामिल होने वालों या हुड़दंग मचाने वालों को पुलिस तुरंत हिरासत में लेगी।
सुगम यातायात के लिए बन रहा रूट प्लान प्रशासन का अनुमान है कि इस बार कांवड़ यात्रियों की संख्या में भारी इजाफा होगा। यात्रा के दौरान आम लोगों और कांवड़ियों का आवागमन सुचारू रहे, इसके लिए विशेष रूट प्लान तैयार किया जा रहा है। इस बार दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर से यातायात को सुगम बनाने में बड़ी मदद मिलेगी।
प्रशासन ने यह भी चेतावनी दी है कि ध्वनि प्रदूषण फैलाने, यातायात बाधित करने और बसों या ट्रेनों की छतों पर लटककर जानलेवा यात्रा करने वालों के खिलाफ मोटर व्हीकल एक्ट और संबंधित धाराओं में कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।