नई दिल्ली, 23 अक्टूबर: धनतेरस इस बार 6 नवंबर, शुक्रवार को मनाया जाएगा। इसे धनत्रयोदशी भी कहते हैं और इसी दिन से पांच दिवसीय दीपोत्सव की शुरुआत होती है। मान्यता है कि धनतेरस के दिन भगवान धन्वंतरि का जन्म हुआ था, इसीलिए इस दिन बर्तन, सोना-चांदी और शुभ वस्तुएं खरीदने की परंपरा है। खरीदारी के लिए शाम का प्रदोष काल सबसे शुभ माना गया है।
ज्योतिष मान्यता के अनुसार धनतेरस पर राशि के अनुसार खरीदारी करने से घर में सुख-समृद्धि बढ़ती है। मेष राशि वालों के लिए तांबे के बर्तन, वृषभ के लिए चांदी की वस्तु, मिथुन के लिए कांसे के बर्तन, कर्क के लिए चांदी या मोती, सिंह के लिए सोना या तांबे की वस्तु, कन्या के लिए कांसे के बर्तन शुभ माने गए हैं। तुला राशि वाले चांदी या सुगंधित वस्तु, वृश्चिक वाले तांबे की वस्तु, धनु वाले पीतल या सोने की वस्तु खरीदें। मकर और कुंभ राशि के लिए स्टील के बर्तन, जबकि मीन राशि के लिए सोना या पीली वस्तु शुभ मानी गई है।
इसके अलावा धनतेरस पर झाड़ू खरीदने की भी परंपरा है, जिसे घर से नकारात्मकता दूर करने का प्रतीक माना जाता है। शाम के समय घर के मुख्य द्वार पर यम के नाम का दीया जलाने की परंपरा भी है, जिसे यम दीपदान कहते हैं। मान्यता है कि इससे परिवार के सदस्यों की अकाल मृत्यु का भय दूर होता है।
स्रोत: पंचांग व ज्योतिषीय मान्यता

