नई दिल्ली, 23 अक्टूबर: दिवाली इस बार 8 नवंबर, रविवार को है और घरों में साफ-सफाई का काम जोरों पर है। वास्तु शास्त्र की मान्यता है कि साफ-सुथरे और व्यवस्थित घर में मां लक्ष्मी का वास होता है, इसीलिए दिवाली से पहले की सफाई को सिर्फ घर की सफाई नहीं, बल्कि समृद्धि के स्वागत की तैयारी माना जाता है।
वास्तु के अनुसार सबसे पहले मुख्य द्वार की सफाई करें, क्योंकि यहीं से सकारात्मक ऊर्जा घर में प्रवेश करती है। टूटे बर्तन, बंद पड़ी घड़ी, टूटा फर्नीचर और बेकार का कबाड़ घर से बाहर निकाल दें। घर की उत्तर-पूर्व दिशा यानी ईशान कोण को साफ और हल्का रखें, यहां भारी सामान न रखें। छत और दीवारों पर लगे मकड़ी के जाले जरूर हटाएं, क्योंकि इन्हें नकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है।
धन रखने का स्थान उत्तर दिशा में शुभ माना गया है, इसलिए तिजोरी या धन स्थान की सफाई भी करें। पूजा घर और दीयों की सफाई के बाद ही लक्ष्मी पूजन की तैयारी करें। पुराने जूते-चप्पल और फटे कपड़े भी घर से हटा देने की सलाह वास्तु में दी गई है। इन नियमों का पालन करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है, ऐसा वास्तु विशेषज्ञों का मानना है।
स्रोत: वास्तु शास्त्र की मान्यता

