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धनतेरस पर झाड़ू खरीदने की परंपरा: जानें क्यों माना जाता है शुभ

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नई दिल्ली, 19 अक्टूबर: धनतेरस पर सोना-चांदी और बर्तन खरीदने की परंपरा तो प्रसिद्ध है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस दिन झाड़ू खरीदना भी अत्यंत शुभ माना गया है? धनतेरस इस बार 6 नवंबर को है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार झाड़ू को मां लक्ष्मी का प्रतीक माना गया है, क्योंकि यह घर की दरिद्रता और नकारात्मकता को बाहर निकालती है।

मान्यता है कि धनतेरस के दिन नई झाड़ू घर लाने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और घर में धन-धान्य की वृद्धि होती है। इसीलिए इस दिन बाजारों में झाड़ू की दुकानों पर भी विशेष भीड़ देखी जाती है। कई परिवार धनतेरस पर झाड़ू के साथ धनिया, हल्दी की गांठ और पीतल-तांबे के बर्तन भी खरीदते हैं।

झाड़ू से जुड़े कुछ नियम भी परंपरा में बताए गए हैं। झाड़ू को कभी पैर नहीं लगाना चाहिए और इसे खड़ा करके नहीं रखना चाहिए। झाड़ू को ऐसी जगह रखें जहां वह आसानी से नजर न आए। मान्यता है कि झाड़ू का अनादर करने से मां लक्ष्मी रुष्ट होती हैं। शाम के समय झाड़ू लगाने से भी परहेज रखने की सलाह दी जाती है।

धनतेरस खरीदारी का मूल भाव केवल वस्तु खरीदना नहीं, बल्कि घर में शुभता और समृद्धि का स्वागत करना है। चाहे सोना खरीदें या झाड़ू — श्रद्धा और शुभ संकल्प के साथ की गई खरीदारी ही फलदायी मानी गई है।

स्रोत: धार्मिक मान्यता एवं लोक परंपरा