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करवा चौथ 29 अक्टूबर: सरगी में ये 5 चीजें जरूर खाएं, दिनभर नहीं लगेगी भूख-प्यास

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नई दिल्ली, 19 अक्टूबर: करवा चौथ का व्रत इस बार 29 अक्टूबर को रखा जाएगा। यह निर्जला व्रत होता है, यानी सूर्योदय से चांद निकलने तक न अन्न, न जल। ऐसे में व्रत से पहले खाई जाने वाली सरगी का विशेष महत्व है। सास अपनी बहू को सरगी देती हैं, जिसे सूर्योदय से पहले खाकर व्रत की शुरुआत की जाती है। सही चीजें खाने से दिनभर ऊर्जा बनी रहती है और भूख-प्यास कम सताती है।

सरगी में सबसे पहले फेनी या सेवइयां दूध के साथ खाई जाती हैं। यह परंपरा के साथ-साथ ऊर्जा का अच्छा स्रोत भी है। इसके बाद मौसमी फल खाएं — केला, सेब या पपीता जैसे फल देर तक तृप्ति देते हैं। भीगे हुए बादाम, अखरोट और किशमिश जैसे मेवे भी सरगी का हिस्सा होते हैं। मठरी या हल्का नमकीन शरीर में नमक की कमी नहीं होने देता।

सरगी खाते समय कुछ बातों का ध्यान रखें। बहुत ज्यादा तला-भुना या तेज मसालेदार भोजन न खाएं, क्योंकि इससे दिन में प्यास ज्यादा लगती है। चाय-कॉफी की मात्रा भी सीमित रखें। सूर्योदय से पहले पर्याप्त पानी अवश्य पी लें, क्योंकि उसके बाद पूरे दिन जल भी वर्जित रहता है। नारियल पानी भी एक अच्छा विकल्प माना जाता है।

मान्यता है कि प्रेम से दी गई सरगी में सास का आशीर्वाद छिपा होता है। इसीलिए सरगी केवल भोजन नहीं, बल्कि परिवार के स्नेह और सुहाग की कामना का प्रतीक मानी गई है।

स्रोत: धार्मिक मान्यता एवं लोक परंपरा