नई दिल्ली, 7 अक्टूबर: 7 नवंबर 2026, शनिवार को नरक चतुर्दशी मनाई जाएगी, जिसे छोटी दिवाली भी कहा जाता है। कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को भगवान श्रीकृष्ण ने असुर नरकासुर का वध कर उसकी कैद से हजारों कन्याओं को मुक्त कराया था — इसी विजय की स्मृति में यह पर्व मनाया जाता है।
इस दिन का सबसे महत्वपूर्ण अनुष्ठान अभ्यंग स्नान है। परंपरा के अनुसार सूर्योदय से पहले शरीर पर तेल की मालिश और उबटन लगाकर स्नान किया जाता है। मान्यता है कि ऐसा करने से पापों का नाश होता है और नरक की यातना से मुक्ति मिलती है। स्नान के बाद स्वच्छ वस्त्र धारण कर घर में दीये जलाए जाते हैं और यमराज की पूजा की जाती है।
छोटी दिवाली की शाम को यम दीपक का विशेष महत्व है। घर के मुख्य द्वार के बाहर दक्षिण दिशा की ओर दीये जलाकर यमराज को प्रसाद चढ़ाया जाता है। मान्यता है कि इससे अकाल मृत्यु का भय दूर होता है। गुजरात में इस दिन को काली चौदस के रूप में मां काली की पूजा के साथ मनाया जाता है, जबकि कुछ क्षेत्रों में इसे रूप चौदस कहकर सौंदर्य और आरोग्य की कामना की जाती है। स्रोत: पौराणिक कथा और पंचांग परंपरा

