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छोटी दिवाली 8 नवंबर: सूर्योदय से पहले अभ्यंग स्नान की विधि, जानें तिल के तेल का रहस्य

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नई दिल्ली, 22 अक्टूबर: इस साल नरक चतुर्दशी की तिथि को लेकर थोड़ा असमंजस है, इसलिए सही जानकारी जानना जरूरी है। कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी तिथि 7 नवंबर को सुबह 10:47 बजे शुरू होकर 8 नवंबर को सुबह 11:27 बजे तक रहेगी। द्रिक पंचांग के अनुसार सूर्योदय के समय चतुर्दशी तिथि 8 नवंबर को विद्यमान रहेगी, इसलिए अभ्यंग स्नान 8 नवंबर की सुबह सूर्योदय से पहले किया जाएगा। 7 नवंबर की रात को गुजरात और महाराष्ट्र में काली चौदस मनाई जाएगी, जबकि छोटी दिवाली के दीये 7 नवंबर की शाम को जलाए जाएंगे।

अभ्यंग स्नान की विधि — स्नान से पहले शरीर पर तिल के तेल की मालिश की जाती है। द्रिक पंचांग में तिल के तेल के उपयोग का विशेष उल्लेख है। तेल के बाद बेसन, हल्दी और जड़ी-बूटियों से बने उबटन को शरीर पर लगाया जाता है। कई घरों में स्नान के समय अपामार्ग (चिरचिटा) की टहनी सिर के चारों ओर घुमाई जाती है। स्नान के बाद कुछ परिवार दक्षिण दिशा की ओर मुख करके काले तिल मिले जल से यम तर्पण भी करते हैं। दिल्ली में अभ्यंग स्नान का अनुमानित समय सुबह 5:36 से 6:38 बजे तक है — अपने शहर का समय स्थानीय पंचांग से मिलाएं।

यह पर्व भगवान श्रीकृष्ण द्वारा नरकासुर के वध की याद में मनाया जाता है। मान्यता है कि इस दिन सूर्योदय से पहले स्नान करने से नरक से मुक्ति मिलती है और नकारात्मकता दूर होती है। दक्षिण भारत में इसी दिन दीपावली का मुख्य पर्व मनाया जाता है। शाम को दीवाली की लक्ष्मी पूजा होगी, इसलिए यह दिन स्नान-पर्व और प्रकाश-पर्व दोनों का संगम है।

स्रोत: द्रिक पंचांग, धार्मिक मान्यता