नई दिल्ली, 22 अक्टूबर: दीपावली का मुख्य पर्व इस साल रविवार, 8 नवंबर को मनाया जाएगा। इसी शाम घर-घर में लक्ष्मी-गणेश की पूजा होगी। द्रिक पंचांग के अनुसार नई दिल्ली में लक्ष्मी पूजा का शुभ मुहूर्त प्रदोष काल में शाम लगभग 5:45 बजे से 7:15 बजे तक रहेगा। प्रदोष काल सूर्यास्त के बाद का वह पवित्र समय है जब देवी लक्ष्मी की पूजा सबसे फलदायी मानी जाती है। अपने शहर का सटीक मुहूर्त स्थानीय पंचांग से जरूर मिलाएं, क्योंकि यह सूर्यास्त के समय पर निर्भर करता है।
लक्ष्मी पूजा की तैयारी दिन में ही पूरी कर लेनी चाहिए। घर की साफ-सफाई, मुख्य द्वार पर तोरण और रंगोली, पूजा की चौकी पर लाल कपड़ा, लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियां, कलश, दीये, फूल, मिठाई और नए बहीखाते की व्यवस्था पहले से कर लें। मान्यता है कि देवी लक्ष्मी स्वच्छ, प्रकाशमान और सुव्यवस्थित घर में निवास करती हैं, इसलिए दीवाली की सफाई को भी पूजा का ही अंग माना गया है।
पूजा के समय दीयों की कतार घर के हर कोने को रोशन करे — मुख्य द्वार, आंगन, तुलसी के पास और रसोई में दीये रखना शुभ माना जाता है। पूजा के बाद बड़ों का आशीर्वाद लें और प्रसाद बांटें। ध्यान रहे कि इस साल नरक चतुर्दशी का अभ्यंग स्नान भी 8 नवंबर की सुबह है, इसलिए दिन की शुरुआत पवित्र स्नान से और समापन लक्ष्मी पूजन से होगा। पटाखों का प्रयोग सुरक्षित तरीके से और निर्धारित समय में ही करें।
स्रोत: द्रिक पंचांग, धार्मिक मान्यता

