नई दिल्ली, 6 अक्टूबर: नवरात्रि में देवी उपासना का फल तब और बढ़ जाता है जब साधना अपनी राशि के स्वभाव के अनुरूप की जाए। ज्योतिष में 12 राशियों को चार तत्वों — अग्नि, पृथ्वी, वायु और जल — में बांटा गया है। जानिए हर तत्व के जातकों के लिए नवरात्रि साधना के विशेष उपाय।
अग्नि तत्व (मेष, सिंह, धनु): इन जातकों में ऊर्जा अधिक होती है। नवरात्रि में क्रोध पर नियंत्रण और अनुशासन ही इनकी सबसे बड़ी साधना है। सुबह सूर्योदय से पहले उठकर देवी के मंत्रों का जप करें और जरूरतमंदों को अन्न दान दें।
पृथ्वी तत्व (वृषभ, कन्या, मकर): ये जातक स्थिरता पसंद करते हैं। इनके लिए नौ दिनों तक नियमित समय पर पूजा, व्रत में सात्विक आहार और घर की सफाई-सज्जा विशेष फलदायी मानी जाती है।
वायु तत्व (मिथुन, तुला, कुंभ): मन की चंचलता इनकी चुनौती है। ध्यान और मौन साधना से मन को एकाग्र करें। दुर्गा सप्तशती का पाठ इनके लिए शुभ माना गया है।
जल तत्व (कर्क, वृश्चिक, मीन): भावनात्मक गहराई वाले इन जातकों के लिए भक्ति और करुणा ही साधना है। कन्याओं को भोजन कराएं और जल से जुड़े दान करें। मान्यता है कि तत्व के अनुरूप साधना से व्रत का पूर्ण फल मिलता है।
स्रोत: ज्योतिषीय मान्यता

