नई दिल्ली, 7 अक्टूबर: शारदीय नवरात्रि 11 अक्टूबर 2026, रविवार से शुरू हो रही है। नौ दिनों तक चलने वाले इस पावन पर्व में लाखों श्रद्धालु व्रत-उपवास रखते हैं। व्रत के दौरान क्या खाना चाहिए और किन चीजों से परहेज करना चाहिए, इसे लेकर अक्सर भ्रम रहता है। आइए जानते हैं उपवास के पारंपरिक नियम।
व्रत में सेंधा नमक का प्रयोग किया जाता है, जबकि सामान्य नमक वर्जित माना जाता है। अनाज के स्थान पर कुट्टू, सिंघाड़ा या राजगिरा के आटे से बनी पूरियां, समा के चावल, साबूदाना की खिचड़ी, उबले आलू, मूंगफली, मखाने, फल और दूध-दही लिया जा सकता है। मसालों में जीरा, काली मिर्च और हरी मिर्च का प्रयोग परंपरागत रूप से स्वीकार्य माना जाता है।
वहीं गेहूं-चावल जैसे अनाज, प्याज-लहसुन, दालें, मांसाहार, शराब और तंबाकू का सेवन व्रत में पूरी तरह निषिद्ध है। ध्यान रहे कि गर्भवती महिलाओं, मधुमेह या अन्य गंभीर रोगों से ग्रस्त लोगों और बुजुर्गों को कठोर व्रत रखने से पहले चिकित्सक की सलाह अवश्य लेनी चाहिए। फलाहार पर रहकर भी देवी की आराधना पूर्ण फलदायी मानी जाती है। स्रोत: धार्मिक परंपरा और आहार विशेषज्ञों की सामान्य सलाह

