नई दिल्ली, 17 अक्टूबर: 8वें केंद्रीय वेतन आयोग की तैयारियां तेज हो गई हैं। आयोग 22 और 23 अक्टूबर को मुंबई में कर्मचारी संगठनों, पेंशनर समूहों और अन्य स्टेकहोल्डर्स के साथ अहम बैठक करेगा। इससे पहले अक्टूबर के पहले हफ्ते में बेंगलुरु में भी ऐसे ही विचार-विमर्श हो चुके हैं।
आयोग का गठन 3 नवंबर 2025 को वित्त मंत्रालय के गजट प्रस्ताव से हुआ था। नियमों के मुताबिक आयोग को गठन के 18 महीनों के भीतर यानी मई 2027 तक अपनी रिपोर्ट सौंपनी है। टर्म्स ऑफ रेफरेंस में कहा गया है कि सिफारिशों का असर सामान्यतः 1 जनवरी 2026 से लागू माना जाएगा, हालांकि यह अभी फैसला नहीं है।
सबसे बड़ा मुद्दा फिटमेंट फैक्टर है। 7वें वेतन आयोग ने 2.57 का फैक्टर दिया था, जिससे न्यूनतम बेसिक पे ₹18,000 हुई थी। कर्मचारी संगठनों (NC-JCM) की मांग 3.83 फिटमेंट फैक्टर की है। अनुमानों के मुताबिक 2.57 फैक्टर रहने पर लेवल-1 का बेसिक पे ₹46,260 और लेवल-7 का ₹1,15,393 तक पहुंच सकता है।
तब तक DA/DR में संशोधन 7वें आयोग के फॉर्मूले से हर छह महीने में जारी रहेगा — फिलहाल DA 60 प्रतिशत पर है।
स्रोत: 8वें वेतन आयोग की वेबसाइट, लिवमिंट के अनुमान, मीडिया रिपोर्ट्स

