नई दिल्ली। नौकरीपेशा लोगों के लिए बड़ी खबर — सरकार ने EPF की वेतन सीमा (Wage Ceiling) 12 साल बाद बढ़ाकर 15,000 से 25,000 रुपये प्रति माह कर दी है। श्रम मंत्रालय ने 17 सितंबर 2026 को अधिसूचना S.O. 5109(E) जारी की थी और अक्टूबर पहला पूरा वेतन-माह है जब नई सीमा लागू होगी। अनुमान है कि इससे करीब 51 लाख अतिरिक्त कर्मचारी अनिवार्य PF कवरेज में आएंगे।
नई सीमा का असर: कर्मचारी और नियोक्ता दोनों का अधिकतम योगदान 12% की दर से 1,800 से बढ़कर 3,000 रुपये महीना हो जाएगा। पेंशन (EPS 8.33%) में योगदान 1,250 से बढ़कर 2,083 रुपये और बीमा (EDLI) 75 से बढ़कर 125 रुपये होगा। उदाहरण के लिए 20,000 रुपये PF-वेतन वाले कर्मचारी की PF कटौती 1,800 से बढ़कर 2,400 रुपये हो जाएगी — यानी take-home salary में करीब 600 रुपये की कमी, लेकिन रिटायरमेंट फंड में ज्यादा जमा।
राहत की बात यह है कि श्रम मंत्रालय ने नियोक्ताओं को निर्देश दिया है कि बढ़ा हुआ योगदान CTC में एडजस्ट करके कर्मचारियों की सैलरी न काटी जाए — खर्च नियोक्ता को ही उठाना होगा। 15,000 से ज्यादा वेतन पर पहले से PF में योगदान दे रहे कर्मचारियों पर कोई बदलाव नहीं होगा।

