नई दिल्ली, 14 अक्टूबर: दिवाली से पहले मिठाइयों की खरीदारी करने वालों के लिए अच्छी खबर आ सकती है। केंद्र सरकार ने त्योहारी सीजन में कीमतें स्थिर रखने के लिए घरेलू बाजार में 14 लाख टन चीनी का अतिरिक्त कोटा जारी कर दिया है। इसके अलावा आयातकों के लिए 2 लाख टन का अलग कोटा भी तय किया गया है। सबसे बड़ा हिस्सा महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और कर्नाटक को मिला है।
जमाखोरी रोकने के लिए सरकार ने डीलरों पर शिकंजा भी कसा है। 15 अक्टूबर से 30 नवंबर 2026 तक चीनी डीलर अधिकतम 1,000 क्विंटल स्टॉक ही रख सकेंगे और माल को 15 दिन के भीतर बेचना होगा। पहले अगस्त में यह सीमा 4,000 क्विंटल और सितंबर में 2,000 क्विंटल थी। कोलकाता और उसके विस्तारित महानगर क्षेत्र तथा असम के लिए अपवाद रखते हुए सीमा 2,000 क्विंटल तय की गई है।
आंकड़े बताते हैं कि अगस्त की तुलना में खुदरा चीनी के दाम करीब 15% गिर चुके हैं और मिल-स्तर पर भाव 28% तक घटे हैं। 13 अक्टूबर को थोक स्तर पर अखिल भारतीय औसत कीमत ₹5,254.91 प्रति क्विंटल दर्ज हुई। सरकार ने थोक विक्रेताओं और खुदरा विक्रेताओं से कहा है कि मिल-स्तर की घटत का फायदा उपभोक्ताओं तक पहुंचाएं।
इसका सीधा मतलब है कि दिवाली तक चीनी की कीमतों में और नरमी की उम्मीद है। उपभोक्ता खरीदारी से पहले अपने शहर के भाव जरूर जांचें।
स्रोत: खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग की विज्ञप्ति और बाजार रिपोर्ट, 14 अक्टूबर 2026

