नई दिल्ली, 14 अक्टूबर: दिल्ली में उद्योग लगाने वालों और नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खबर है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई दिल्ली मंत्रिमंडल की बैठक में ‘दिल्ली औद्योगिक नीति-2026’ को मंजूरी दे दी गई। मुख्यमंत्री कार्यालय ने बुधवार को इसकी जानकारी दी।
नीति के तहत पांच साल में ₹1,000 करोड़ खर्च किए जाएंगे। इसका फोकस साफ और आधुनिक उद्योगों पर है — यानी प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों की जगह उच्च-स्तरीय, गैर-प्रदूषणकारी और ज्ञान-आधारित क्षेत्रों को बढ़ावा दिया जाएगा। सरकार का कहना है कि यह राजधानी में निवेश आकर्षित करने और रोजगार के नए अवसर पैदा करने की 10 वर्षीय योजना का हिस्सा है।
युवाओं के लिए इसका सीधा फायदा यह है कि आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स, डिजाइन, फूड प्रोसेसिंग और सर्विस सेक्टर जैसे क्षेत्रों में नई इकाइयां लगेंगी, जिनसे हजारों नौकरियां निकलेंगी। MSME और स्टार्टअप को भी इस नीति से प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है। उद्योग मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा पहले ही कह चुके हैं कि सरकार लाइसेंस-रजिस्ट्रेशन से लेकर बाजार और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म तक पहुंच में उद्यमियों की मदद करना चाहती है।
नीति की विस्तृत शर्तें और आवेदन प्रक्रिया सरकार की ओर से जल्द जारी होगी — उद्यमी दिल्ली सरकार के उद्योग विभाग की अधिसूचना पर नजर रखें।
स्रोत: दिल्ली मुख्यमंत्री कार्यालय की विज्ञप्ति, 14 अक्टूबर 2026

