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Bisahi Movie Success : ‘बिसाही’ का धमाका! चौथे हफ्ते में भी हाउसफुल, अंधविश्वास की काली सच्चाई को रोंगटे खड़े करने वाली थ्रिलर

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Bisahi Movie Success–मुंबई (गिरजा शंकर अग्रवाल) – छोटा बजट, बड़ा धमाल! पीसविंग प्रोडक्शन प्रा. लि. की फिल्म ‘बिसाही’ चौथे हफ्ते में भी सिनेमाघरों में छाई हुई है। देशभर के थिएटरों में दर्शक उमड़ रहे हैं, IMDb पर शानदार रेटिंग्स मिल रही हैं और इंडस्ट्री वाले भी तारीफ करते नहीं थक रहे। अभी यह पिक्चर अहमदाबाद, महाराष्ट्र समेत कई शहरों में धूम मचा रही है। लेखक-निर्देशक अभिनव ठाकुर ने इसे बनाया है, जबकि नरेंद्र पटेल ने प्रोड्यूस किया। यह मनोवैज्ञानिक थ्रिलर ग्रामीण भारत में आज भी चल रही डायन-बिसाही जैसी खौफनाक और अंधविश्वासी प्रथा पर जोरदार चोट करती है। रियल दिखावट, दमदार स्टोरी और इमोशन्स की गहराई की वजह से ‘बिसाही’ ने हर किसी का दिल जीत लिया है।

“छोटी फिल्म, बड़ा मैसेज” – पूरे देश में पसंद आ रही ‘बिसाही’

बिहार, झारखंड, असम, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, पंजाब, महाराष्ट्र, उत्तराखंड, राजस्थान और गुजरात जैसे राज्यों में सिंगल-स्क्रीन थिएटरों में ‘बिसाही’ को जबरदस्त प्यार मिल रहा है। सोशल मीडिया पर इसके बारे में बातें हो रही हैं, पॉजिटिव रिव्यूज की बाढ़ आ गई है। दर्शक एक-दूसरे को बताते फिर रहे हैं कि ये फिल्म देखनी जरूर चाहिए। छोटे शहरों से लेकर बड़े मेट्रो तक, हर जगह यही चर्चा है कि ‘बिसाही’ ने अंधविश्वास की जड़ों को हिला दिया है।

निर्माता नरेंद्र पटेल ने खुशी जाहिर करते हुए कहा, “हमें बहुत गर्व है कि ‘बिसाही’, जो एक सच्ची घटना पर बनी है, दर्शकों के साथ-साथ इंडस्ट्री के लोग भी पसंद कर रहे हैं। ये दिखाता है कि सिनेमा सिर्फ एंटरटेनमेंट नहीं, समाज में बदलाव लाने का हथियार भी बन सकता है।” वहीं निर्देशक अभिनव ठाकुर ने बताया, “दर्शकों और इंडस्ट्री से इतना प्यार मिलना हमारे लिए सम्मान की बात है। ‘बिसाही’ ये साबित करती है कि सच्ची और ईमानदार कहानियां हमेशा लोगों तक पहुंचती हैं।”

कहानी जो रोंगटे खड़े कर दे – ‘बिसाही’ की असल हकीकत

फिल्म में पूजा अग्रवाल ने ‘स्तुति’ नाम की व्लॉगर का रोल प्ले किया है। स्तुति गांव में जाती है और वहां डायन-बिसाही की भयानक सच्चाई से रू-ब-रू होती है। इंदु प्रसाद, रवि साह और रामसुजन सिंह ने अपने दमदार एक्टिंग से कहानी को और मजबूत बनाया है। हर सीन इतना रियल लगता है कि देखते वक्त लगता है जैसे खुद गांव में खड़े हैं। अंधविश्वास की वजह से कितनी जिंदगियां बर्बाद हो रही हैं, ये फिल्म आंखें खोल देती है।

लगातार सफलता का राज – दर्शक, वर्ड ऑफ माउथ और IMDb का जादू

चौथे हफ्ते में भी थिएटरों में दर्शकों की भीड़ है। वर्ड ऑफ माउथ इतना स्ट्रॉन्ग है कि लोग बिना ट्रेलर देखे टिकट कटा रहे हैं। IMDb रेटिंग्स लगातार ऊपर जा रही हैं। ‘बिसाही’ ने साबित कर दिया कि सच्ची घटनाओं पर बनी संवेदनशील फिल्में आज भी दर्शकों से गहरा कनेक्ट कर सकती हैं। छोटे बजट में बनी ये पिक्चर बड़े-बड़े स्टार्स वाली फिल्मों को टक्कर दे रही है। ये वो फिल्म है जो मनोरंजन के साथ-साथ सोचने पर मजबूर कर देती है।

ग्रामीण भारत की कड़वी सच्चाई को पर्दे पर लाने वाली ‘बिसाही’ अब बदलाव की मिसाल बन चुकी है। अगर आपने अभी तक नहीं देखी, तो जल्दी कीजिए – वरना मिस हो जाएगा ये अनोखा अनुभव!