मयंक त्रिगुण, ब्यूरो चीफ
अयोध्या: धर्मनगरी अयोध्या में सरयू तट के किनारे (माझा जमथरा, राजघाट) आयोजित हो रहे भव्य ‘श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ’ के पंडाल में शनिवार दोपहर अचानक भीषण आग लग गई। बांस-बल्ली, घास-फूस और तिरपाल-कपड़ों से बने इस विशाल पंडाल ने देखते ही देखते आग का विकराल रूप धारण कर लिया। राहत की सबसे बड़ी बात यह रही कि इस भयावह अग्निकांड में किसी भी श्रद्धालु के झुलसने या जनहानि की कोई खबर नहीं है।
धुएं के गुबार से मची दहशत, 1251 कुंड हुए राख
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शनिवार दोपहर के समय अचानक यज्ञ पंडाल से धुएं का गुबार उठने लगा। जब तक लोग कुछ समझ पाते, आग की तेज लपटों ने पूरे पंडाल को अपनी चपेट में ले लिया।
- मौके पर मौजूद हजारों श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई और भारी अफरा-तफरी मच गई।
- इस भीषण आग में महायज्ञ के लिए विशेष रूप से तैयार किए गए 1251 हवन कुंड पूरी तरह जलकर राख हो गए।
बड़ा हादसा टला, क्योंकि शुक्रवार को संपन्न हो चुका था मुख्य यज्ञ
इस घटना में एक बड़ी जनहानि टल गई, जिसका मुख्य कारण समय रहते यज्ञ का समापन होना रहा। दरअसल, स्वामी जी महाराज द्वारा कराए जा रहे इस महायज्ञ का मुख्य कार्यक्रम शुक्रवार को ही पूरा हो चुका था। शनिवार को केवल कुछ अन्य छोटे अनुष्ठान चल रहे थे, जिसके कारण विशाल यज्ञशाला लगभग खाली पड़ी थी।
परिवहन मंत्री और पूरा प्रशासनिक अमला पहुंचा मौके पर
महायज्ञ उत्तर प्रदेश के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह की अध्यक्षता में आयोजित किया जा रहा था। आग लगने की सूचना मिलते ही प्रशासन में हड़कंप मच गया:
- परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह, मंडलायुक्त राजेश कुमार, जिलाधिकारी (DM) निखिल टीकाराम फुंडे और एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर तुरंत दल-बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे।
- फायर ब्रिगेड की 6 गाड़ियों ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।
- मुख्य अग्निशमन अधिकारी (CFO) एमपी सिंह के नेतृत्व में दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद इस भीषण आग पर पूरी तरह काबू पा लिया है। आग लगने के सटीक कारणों की अभी जांच की जा रही है।
क्या कहा जिलाधिकारी ने?
घटना के बाद हालात का जायजा लेने पहुंचे जिलाधिकारी निखिल टीकाराम फुंडे ने स्थिति को स्पष्ट करते हुए कहा, “जैसे ही पंडाल में आग लगने की सूचना मिली, तत्काल दमकल विभाग की गाड़ियों को भेजकर आग को नियंत्रण में ले लिया गया। इस घटना में किसी भी प्रकार की जनहानि या पशुहानि नहीं हुई है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें भी अलर्ट मोड पर मौजूद हैं और सुरक्षा की दृष्टि से भीड़ को वहां से सुरक्षित प्रस्थान कराया जा रहा है।”