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धरने पर बैठे राहुल गांधी को उठा ले गई पुलिस, प्रियंका और अखिलेश यादव भी हिरासत में

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नई दिल्लीः प्रधानमंत्री आवास के पास धरना प्रदर्शन कर रहे विपक्ष के नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। राहुल गांधी से पहले सपा प्रमुख अखिलेश यादव को पुलिस ने हिरासत में लिया। अखिलेश यादव भी अपने सांसदों के साथ राहुल गांधी को समर्थन देने पहुंचे हुए थे। तीनों नेताओं को पुलिस जबरन धरना स्थल से उठाकर थाने ले गई।

बड़ी मुश्किल से प्रियंका गांधी को हिरासत में लिया गया

दिल्ली पुलिस ने पहले राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की सिक्योरिटी को हिरासत में लिया। इसके बाद राहुल और प्रियंका को डिटेन किया गया। प्रियंका गांधी लगातार बस के गेट पर खड़ी रहीं। महिला पुलिसकर्मियों ने उन्हें बस के अंदर करने की कोशिश की, लेकिन वो नहीं मानी फिर तीन चार महिला पुलिसकर्मी ने उन्हें पकड़ा और गेट पर खड़े खड़े ही उन्हें डिटेन करके ले जाता गया।

केंद्र सरकार पर भड़कीं प्रियंका गांधी

दिल्ली पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के दौरान कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने बीजेपी और केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा। प्रियंका ने कहा, “वे डरपोक हैं। वे डरे हुए हैं। हम उनसे नहीं डरते। वे हमसे डरते हैं।”

अखिलेश यादव ने केंद्र पर साधा निशाना

हिरासत में लिए जाने के बाद सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने बीजेपी और केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा। अखिलेश यादव ने कहा, “प्रधानमंत्री की ज़िम्मेदारी है कि वे छात्रों की मांगें सुनें। वे उनकी मांगें क्यों नहीं मान रहे हैं?”

सुरजेवाला ने बीजेपी पर साधा निशाना

पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने पर कांग्रेस सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि यह अंत नहीं है। यह राहुल गांधी के नेतृत्व में एक नई क्रांति की शुरुआत है। वे हमें जेल में डाल सकते हैं, हम पर लाठीचार्ज कर सकते हैं या हमारे साथ बुरा बर्ताव कर सकते हैं, लेकिन मोदी जी को भारत के उन लाखों बेटे-बेटियों को जवाब देना होगा। जिन्होंने पेपर लीक के कारण अपना भविष्य खो दिया है और अपने परिवारों की उम्मीदों को खत्म होते देखा है।

इससे पहले राहुल गांधी ने कांग्रेस नेताओं के साथ पीएम आवास के पास धरना प्रदर्शन करना शुरू कर दिया था। राहुल गांधी का धरना खत्म कराने के लिए केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह पहुंचे और उन्हें मनाने की कोशिश की। हालांकि कांग्रेस नेताओं ने मंत्री की बात नहीं मानी और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अड़े रहे।