Amroha News-अमरोहा: जिले में बिजली उपभोक्ताओं को निर्बाध आपूर्ति और पारदर्शी बिलिंग प्रदान करने के लिए विद्युत विभाग ने स्मार्ट मीटर योजना को बेहद सुविधाजनक और आकर्षक बना दिया है। अब स्मार्ट मीटर लगवाने वाले उपभोक्ताओं को घबराने की जरूरत नहीं है, बल्कि विभाग ने उन्हें कई तरह की आर्थिक रियायतें और सुविधाएं देने का ऐलान किया है। अधीक्षण अभियंता विष्णु दयाल यादव के अनुसार, नई व्यवस्था में उपभोक्ताओं की सुविधा को सर्वोपरि रखा गया है।
प्रीपेड रिचार्ज पर 2% की छूट और ‘हैप्पी आवर्स’
स्मार्ट मीटर को मोबाइल की तरह प्रीपेड मोड पर रिचार्ज करने वाले उपभोक्ताओं को अब निर्धारित विद्युत दरों पर 2% की विशेष छूट दी जाएगी। इसके अलावा, विभाग ने शाम 6 बजे से सुबह 8 बजे तक के समय को ‘हैप्पी आवर्स’ घोषित किया है। इस दौरान यदि मीटर का बैलेंस खत्म भी हो जाता है, तो किसी भी उपभोक्ता की बिजली नहीं काटी जाएगी। वहीं, पुरानी सिक्योरिटी धनराशि को सीधे प्रीपेड बैलेंस या पुराने बकाये में समायोजित (Adjust) कर उपभोक्ताओं को बड़ा आर्थिक लाभ दिया जा रहा है।
मीटर तेज चलने का शक हो तो तुरंत डायल करें 1912
विद्युत वितरण मण्डल अमरोहा के अधीक्षण अभियंता विष्णु दयाल यादव ने बताया कि यदि किसी उपभोक्ता को लगता है कि उसका स्मार्ट मीटर तेज चल रहा है या उसमें कोई तकनीकी खराबी है, तो वह 1912 टोल-फ्री नंबर पर या सीधे 1912 दफ्तर में अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है।
- क्या होगा शिकायत पर? शिकायत मिलने पर मीटर को तुरंत बदला नहीं जाएगा, बल्कि उसकी सटीकता जांचने के लिए ठीक उसी के बगल में एक ‘चेक मीटर’ लगा दिया जाएगा। इससे उपभोक्ता खुद दोनों मीटरों की रीडिंग का मिलान कर पारदर्शिता परख सकेंगे।
सोलर पैनल के लिए अलग से मीटर का झंझट खत्म
भविष्य की ऊर्जा जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इन स्मार्ट मीटरों को पूरी तरह से सौर ऊर्जा (Solar Energy) के अनुकूल बनाया गया है। यदि कोई उपभोक्ता अपने घर में सोलर पैनल लगवाता है, तो उसे नेट मीटरिंग के लिए अलग से कागजी कार्रवाई करने या नया मीटर लगवाने की कोई जरूरत नहीं होगी। यही स्मार्ट मीटर कॉन्फ़िगर होने के बाद सीधे ‘नेट मीटर’ की तरह काम करने लगेगा। ग्रामीण इलाकों में नेटवर्क की समस्या पर विभाग ने आश्वस्त किया है कि सर्वर डाउन होने की स्थिति में भी मीटर के संचालन में कोई बड़ी बाधा नहीं आएगी।
बकाया जमा करने का आसान स्लैब और नो-डिस्कनेक्ट ज़ोन
उपभोक्ताओं को पुराने भारी-भरकम बिलों के भुगतान के लिए एकमुश्त रकम देने का दबाव नहीं रहेगा। विभाग ने राहत देते हुए बकाये की वसूली के लिए आसान स्लैब बनाए हैं:
- 10,000 रुपये तक बकाया: प्रत्येक रिचार्ज का मात्र 10% कटेगा।
- 10,000 से 15,000 रुपये तक: 15% राशि कटेगी।
- 15,000 से 20,000 रुपये तक: 20% राशि कटेगी।
- 20,000 रुपये से अधिक बकाया: 25% राशि कटेगी।
इसके अलावा, प्री-पेड में बदलाव के शुरुआती 30 दिनों तक ग्रेस पीरियड और बैलेंस शून्य होने पर 3 दिन का ‘इमरजेंसी क्रेडिट’ भी मिलेगा। रविवार, दूसरे शनिवार और किसी भी राजपत्रित अवकाश के दिन बिजली नहीं काटी जाएगी। बैलेंस खत्म होने पर रिचार्ज करते ही सामान्यतः 2 घंटे के भीतर सप्लाई स्वतः चालू हो जाएगी।
फर्जी मैसेज से रहें सावधान, न हों साइबर ठगी का शिकार
हाल ही में बिजली कटने के फर्जी मैसेज (SMS) भेजकर साइबर ठगी के मामले तेजी से बढ़े हैं। विद्युत विभाग ने सख्त हिदायत दी है कि उपभोक्ता केवल आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ही यूपीपीसीएल (UPPCL) स्मार्ट ऐप डाउनलोड करें। रिचार्ज करने के लिए विभागीय काउंटर के अलावा यूपीपीसीएल वेबसाइट, ऐप, पेटीएम, गूगल-पे या जन सुविधा केंद्र का ही उपयोग करें। किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें।