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फर्जी मत्स्य अधिकारी और पत्रकार बनकर मछली पालकों से लाखों की रंगदारी, 2 गिरफ्तार

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बरेली (उत्तर प्रदेश): पुलिस ने एक ऐसे शातिर गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो खुद को कभी पत्रकार तो कभी मत्स्य विभाग का अधिकारी बताकर मछली पालकों से लाखों रुपये की अवैध वसूली कर रहा था। पुलिस ने मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि तीन अन्य अभी फरार हैं।

जेल भेजने का डर दिखाकर ऐंठते थे रकम यह गिरोह मछली पालकों के तालाबों पर पहुंचकर वहां पल रही मछलियों को ‘प्रतिबंधित प्रजाति’ का बताता था। इसके बाद वे विभागीय कार्रवाई, मुकदमे और जेल भेजने की धमकी देकर मछली पालकों से मोटी रकम वसूलते थे। अब तक इस गिरोह द्वारा 2 लाख रुपये से अधिक की रंगदारी वसूले जाने की बात सामने आई है।

भोजीपुरा और देवरनियां में सामने आए मामले

  • भोजीपुरा: 9 सितंबर को भोजीपुरा निवासी सालिम रजा को फर्जी अधिकारी बनकर फोन किया गया। तालाब की फोटो खींचकर मुकदमे का डर दिखाया गया और 70 हजार रुपये ऐंठ लिए। जब आरोपी साजिद दोबारा वसूली के लिए पहुंचा, तो उसे रंगे हाथों पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया गया।
  • देवरनियां: 6 सितंबर को भूला भुलनिया गांव निवासी प्यारे लाल से भी कार्रवाई के नाम पर 13 हजार रुपये ठगे गए। इस मामले में देवरनियां पुलिस ने आरोपी मोहम्मद आजम को देवरनियां रेलवे स्टेशन के पास से गिरफ्तार कर लिया।

तीन फरार आरोपियों की तलाश जारी मत्स्य विभाग की सहायक निदेशक गायत्री पांडेय ने बताया कि इन क्षेत्रों से फर्जी अधिकारियों द्वारा वसूली की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। एक वीडियो सामने आने के बाद पुलिस को अलर्ट किया गया था।

एसपी सिटी मुकेश चंद्र मिश्रा ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में अपना जुर्म कबूल कर लिया है। पुलिस अब यूपीआई (UPI) और ऑनलाइन लेनदेन के साक्ष्यों के आधार पर गिरोह के फरार सदस्यों— रिजवान खान (कर्मपुर चौधरी), बसंत शर्मा (कासगंज) और अरविंद की सरगर्मी से तलाश कर रही है।