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अयोध्या राम मंदिर चोरी कांड: चंपत राय के इस्तीफे के बीच बागेश्वर बाबा का बड़ा दावा, कहा- ‘चोरों को मिलेगा महादंड’

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हाइलाइट्स (Highlights):

  • अयोध्या राम मंदिर दान पात्र चोरी मामले पर बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर आचार्य धीरेंद्र शास्त्री ने तोड़ी चुप्पी।
  • ‘पर्ची’ वाले सवाल पर बोले बाबा- “अगर नाम बता दिया, तो वो आज नहीं तो कल मुझे ही निपटा देंगे।”
  • मामले में SIT की जांच तेज: अब तक 8 आरोपी गिरफ्तार, चंपत राय का इस्तीफा, जांच रिपोर्ट के लिए मिला 15 दिन का अतिरिक्त समय।

लखनऊ/अयोध्या (Jagruk Youth News Desk)। अयोध्या स्थित भव्य राम मंदिर के दान पात्र से हुई चोरी के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस पूरे विवाद पर अब बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर आचार्य धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का एक बेहद सनसनीखेज और चौंकाने वाला बयान सामने आया है। इस घटना पर अब तक मौन रहने वाले बागेश्वर बाबा ने बेबाकी से अपनी बात रखते हुए कहा है कि अक्सर ऐसे मामलों में ‘भारी (बड़े) लोग’ आसानी से निकल जाते हैं और ‘छोटे’ फंस जाते हैं।

‘पर्ची खोली तो वो मुझे ही निपटा देंगे’ लगातार उठ रहे सवालों के बीच धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि लोग उनसे पूछ रहे हैं कि बागेश्वर बाबा इस मुद्दे पर चुप क्यों हैं? उन्होंने अपनी चिर-परिचित शैली में जवाब देते हुए कहा, “अब क्या ही बोलें? जिन लोगों ने भगवान को नहीं छोड़ा, वे हमें क्या खाक छोड़ेंगे।”

जब उनसे पूछा गया कि वह अपनी प्रसिद्ध ‘पर्ची’ निकालकर चोरों का नाम क्यों नहीं बता देते? इस पर उन्होंने जो जवाब दिया, उसने सबको चौंका दिया। बाबा ने कहा, “अगर हमने पर्ची खोलकर नाम बता दिया, तो वे लोग हमें ही निपटा देंगे। आज नहीं तो कल निपटा देंगे। फिर हम भविष्य में दूसरों के नाम ही नहीं बता पाएंगे। इसलिए ऐसे मामलों में चुप रहने में ही भलाई है।”

‘भगवान के घर चोरी करने वालों को मिलेगा महादंड’ हालांकि, आचार्य धीरेंद्र शास्त्री ने स्पष्ट किया कि राम मंदिर में दान की चोरी करने वालों को ईश्वर की अदालत में ‘महादंड’ जरूर मिलेगा। उन्होंने सुझाव दिया कि मंदिर की व्यवस्थाओं और जिम्मेदारी को संत परंपरा से जुड़े योग्य लोगों को सौंप दिया जाना चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।

SIT जांच तेज, चंपत राय का इस्तीफा आपको बता दें कि राम मंदिर दान चोरी मामले के खुलासे के बाद हड़कंप मचा हुआ है। मामले की गंभीरता को देखते हुए गठित की गई एसआईटी (SIT) की जांच के आधार पर अब तक आठ लोगों के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी हो चुकी है। इस भारी विवाद के बीच मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया है और एसआईटी ने उनसे भी पूछताछ की है।

जांच के दौरान ट्रस्ट और व्यवस्थाओं में कई अन्य गड़बड़ियों के संकेत भी मिल रहे हैं। फिलहाल, मामले का दायरा बढ़ने के कारण एसआईटी को अपनी विस्तृत जांच रिपोर्ट पेश करने के लिए 15 दिन का अतिरिक्त समय दे दिया गया है।