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NEET छात्रों के समर्थन में आए धीरेंद्र शास्त्री, बद्रीनाथ में पूछा तीखा सवाल- “चुनाव सुरक्षित हो सकते हैं, तो परीक्षा क्यों नहीं?”

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बद्रीनाथ (उत्तराखंड): देश भर में चल रहे NEET (नीट) पेपर लीक विवाद और छात्रों के भारी आक्रोश के बीच अब बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री (Dhirendra Krishna Shastri) का एक बड़ा और तीखा बयान सामने आया है। देवभूमि उत्तराखंड के बद्रीनाथ धाम पहुंचे धीरेंद्र शास्त्री ने पेपर लीक की घटनाओं पर गहरी नाराजगी जताते हुए देश के परीक्षा तंत्र (System) पर करारा तंज कसा है।

‘चुनाव लीक क्यों नहीं होते?’ बद्रीनाथ में पत्रकारों और श्रद्धालुओं से बातचीत के दौरान जब धीरेंद्र शास्त्री से लगातार हो रहे पेपर लीक के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने बहुत ही चुभने वाला सवाल उठाया। उन्होंने कहा, “इस देश में बड़े से बड़े चुनाव हो जाते हैं, लेकिन कभी चुनाव लीक नहीं होते। तो फिर यह कैसे संभव है कि केवल परीक्षाओं के पेपर ही लीक हो जाते हैं?” उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर सरकार और प्रशासन चुनाव को पूरी सुरक्षा और पारदर्शिता के साथ संपन्न करा सकते हैं, तो छात्रों के भविष्य से जुड़ी परीक्षाओं में इतनी बड़ी सेंधमारी कैसे हो जाती है।

‘सजा छात्रों को नहीं, सिस्टम को मिलनी चाहिए’ NEET परीक्षा की तैयारी कर रहे लाखों छात्रों की मेहनत का जिक्र करते हुए धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि एक छात्र सालों तक दिन-रात एक करके पढ़ाई करता है। ऐसे में पेपर लीक होने पर परीक्षा रद्द कर देना या छात्रों को मानसिक प्रताड़ना देना सरासर गलत है। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा, “NEET पेपर लीक की सजा मासूम छात्रों को नहीं, बल्कि उस भ्रष्ट सिस्टम और उन अधिकारियों को मिलनी चाहिए जिनकी वजह से यह पेपर लीक हुआ है। उन पर सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।”

छात्रों में बयान की हो रही चर्चा पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। NEET परीक्षा में हुई धांधली को लेकर देश भर में विरोध प्रदर्शन कर रहे लाखों छात्रों और उनके अभिभावकों ने उनके इस बयान का पुरजोर समर्थन किया है। लोगों का कहना है कि एक आध्यात्मिक गुरु द्वारा शिक्षा प्रणाली की इस बड़ी खामी पर बेबाकी से बोलना एक सकारात्मक कदम है।

फिलहाल, धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री इन दिनों अपनी हिमालय यात्रा के तहत उत्तराखंड के चारधाम और विभिन्न आध्यात्मिक स्थलों के दर्शन कर रहे हैं।