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चंपावत में 4000 लोगों की सांसें अटकीं, जान बचाने के लिए संघर्ष कर रहे श्रद्धालुओं का खौफनाक वीडियो आया सामने

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चंपावत (उत्तराखंड): देवभूमि उत्तराखंड में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने रौद्र रूप धारण कर लिया है। चंपावत जिले में भारी बारिश के कारण नदियां उफान पर हैं और बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं। नदियों का जलस्तर अचानक बढ़ने से जिले के अलग-अलग हिस्सों में करीब 4 हजार लोग फंस गए हैं। इसी बीच, एक खौफनाक वीडियो सामने आया है, जिसमें कुछ श्रद्धालु उफनती नदी की तेज धार के बीच जिंदगी और मौत से जंग लड़ते नजर आ रहे हैं।

नदी में फंसी श्रद्धालुओं की जान, टीले का हो रहा कटाव सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस दिल दहला देने वाले वीडियो (Viral Video) में साफ देखा जा सकता है कि नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से कई श्रद्धालु पानी की तेज धार में बहने लगे। अपनी जान बचाने के लिए इन लोगों ने नदी के बीचों-बीच स्थित एक मिट्टी और पत्थरों के टीले पर शरण ली। लेकिन खौफ का मंजर यहीं खत्म नहीं हुआ; पानी के भयंकर वेग और भंवर के कारण उस टीले का भी तेजी से कटाव (Erosion) होने लगा, जिससे टीले पर खड़े श्रद्धालुओं की सांसें हलक में अटक गईं।

4 हजार से ज्यादा लोग फंसे, युद्ध स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चंपावत जिला प्रशासन के अनुसार, उफनती नदियों और कई जगह संपर्क मार्ग टूट जाने के कारण जिले के विभिन्न हिस्सों में करीब 4,000 स्थानीय लोग और यात्री फंस गए हैं।

  • घटना की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय पुलिस, एसडीआरएफ (SDRF) और एनडीआरएफ (NDRF) की टीमों को तुरंत प्रभावित इलाकों में रवाना कर दिया गया है।
  • रस्सियों, लाइफ जैकेट और अन्य बचाव उपकरणों की मदद से टीले पर फंसे श्रद्धालुओं और अन्य जलमग्न इलाकों में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए युद्ध स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन (Rescue Operation) चलाया जा रहा है।

प्रशासन का हाई अलर्ट और अपील मौसम विभाग की चेतावनी और नदियों के विकराल रूप को देखते हुए चंपावत जिला प्रशासन ने हाई अलर्ट (High Alert) जारी कर दिया है। प्रशासन ने नदियों के किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर जाने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही, प्रशासन और पुलिस ने स्थानीय लोगों और पर्यटकों से सख्त अपील की है कि वे किसी भी हाल में उफनती नदियों, रपटों और बरसाती नालों को पार करने का जोखिम न उठाएं।