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मिशन शक्ति पर DIG का अल्टीमेटम लापरवाही करने वाले होंगे सस्पेंड!

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मुरादाबाद। महिलाओं के खिलाफ हो रहे अपराधों पर पुलिस ने अब जीरो टॉलरेंस की नीति अपना ली है। गुरुवार को डीआईजी मुरादाबाद रेंज जी. मुनिराज और एसएसपी सतपाल अंतिल ने रिजर्व पुलिस लाइन के सभागार में सभी थानेदारों और राजपत्रित अधिकारियों की क्लास ली। मैसेज एकदम साफ था – “महिला सुरक्षा में कोई कोताही बर्दाश्त नहीं की नहीं जाएगी!”

कौन थे बैठक में मौजूद? (Who)

बैठक में डीआईजी जी. मुनिराज और एसएसपी सतपाल अंतिल खुद मौजूद रहे। उनके साथ जिले के सभी राजपत्रित अधिकारी, हर थाने के थानेदार और हर थाने पर बने मिशन शक्ति सेंटर की महिला प्रभारी भी शामिल हुईं। यानी पूरा पुलिस महकमा एक छत के नीचे था।

क्या हुआ बैठक में? (What)

दो घंटे से ज्यादा चली इस गोष्ठी में सिर्फ और सिर्फ महिला सुरक्षा की बात हुई। सबसे ज्यादा जोर मिशन शक्ति सेंटरों को और मजबूत बनाने पर दिया गया। अधिकारियों को सख्त हिदायत दी गई कि थानों पर चल रहे सारे रजिस्टर एकदम दुरुस्त रखे जाएं – एक भी पन्ना गायब या गलत एंट्री मिली तो सीधी कार्रवाई होगी।

कब और कहां हुई बैठक? (When & Where)

यह महत्वपूर्ण समीक्षा गोष्ठी गुरुवार को मुरादाबाद की रिजर्व पुलिस लाइन्स के बड़े सभागार में आयोजित की गई। बैठक दोपहर से शुरू होकर शाम तक चली।

क्यों बुलाई गई इतनी बड़ी बैठक? (Why)

पिछले कुछ महीनों में जिले में महिलाओं से जुड़े अपराधों की शिकायतें बढ़ी हैं। छेड़खानी, घरेलू हिंसा, दहेज प्रताड़ना जैसे मामले लगातार सामने आ रहे थे। ऊपर से मिशन शक्ति अभियान के तहत थानों पर बने सेंटर तो बन गए, लेकिन कई जगह कागजी घोड़े दौड़ा रहे थे। इसी को देखते हुए डीआईजी और एसएसपी ने पूरी टीम को एक साथ बुलाकर सख्त निर्देश दिए।

कैसे होगी अब महिला सुरक्षा और सख्त? (How)

  1. हर थाने के मिशन शक्ति सेंटर के सारे रजिस्टर अब हर हफ्ते चेक होंगे
  2. महिला अपराध करने वालों के खिलाफ तुरंत निरोधात्मक (preventive) कार्रवाई होगी – चाहे गुंडा एक्ट लगाना पड़े या बाहरी करना पड़े
  3. छेड़खानी, मारपीट, दहेज के हर केस में तुरंत FIR और तेज़ चार्जशीट
  4. गांव-गांव, मोहल्ले-मोहल्ले में 1090, 112, 181, 1098 जैसे हेल्पलाइन नंबरों की जागरूकता अभियान चलाया जाएगा
  5. स्कूल-कॉलेजों में जाकर लड़कियों को आत्मरक्षा और कानूनी अधिकारों की ट्रेनिंग दी जाएगी

डीआईजी जी. मुनिराज ने कहा, “महिलाओं की सुरक्षा हमारी पहली प्राथमिकता है। अगर कोई भी पुलिसकर्मी लापरवाही करेगा तो उसकी शामत आएगी। हम चाहते हैं कि हर महिला बेखौफ होकर रात में भी घर से निकल सके।”

वहीं एसएसपी सतपाल अंतिल ने थानेदारों से साफ कहा, “अब बहाना नहीं चलेगा। जिस थाने से महिला अपराध की सबसे कम शिकायत आएगी, उसे सम्मानित किया जाएगा और जिस थाने से सबसे ज्यादा शिकायतें आएंगी – वहां के प्रभारी की जवाबदेही तय होगी।”

अब हर गली में पहुंचेगी महिला हेल्पलाइन की जानकारी

बैठक में यह भी फैसला हुआ कि आने वाले 15 दिनों में पूरे जिले में बड़े स्तर पर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। चौपालों, स्कूलों, आंगनवाड़ी और बाजारों में पोस्टर लगाए जाएंगे। खासकर 1090 (महिला पावर लाइन), 112 (इमरजेंसी), 181 (महिला हेल्पलाइन) और 1098 (चाइल्ड हेल्पलाइन) नंबर हर जगह दिखेंगे।

अधिकारियों का कहना है कि जैसे ही ये निर्देश जमीन पर उतरेंगे, जिले में महिलाओं के खिलाफ अपराधों में भारी गिरावट आएगी। अब देखना यह है कि ये सख्त निर्देश कितनी जल्दी असर दिखाते हैं।