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क्या आपको पता है गोरखपुर में आज क्यों निकली ‘लोकतंत्र बचाओ’ पदयात्रा? जानें रूट, समय और पूरा मकसद

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गोरखपुर, 4 नवंबर 2026: उत्तर प्रदेश की राजनीति में आज गोरखपुर सबसे ज्यादा चर्चा में है। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज गोरखपुर में ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा में शामिल हो रहे हैं। यह पदयात्रा दोपहर में शहर के एक प्रमुख मार्ग से निकाली जा रही है, जिसमें पार्टी के कार्यकर्ता और समर्थक बड़ी संख्या में शामिल हो रहे हैं।

पदयात्रा का रूट और समय क्या है?

  • पदयात्रा दोपहर 12 बजकर 10 मिनट पर महाराणा प्रताप इंटर कॉलेज से शुरू हो रही है।
  • यह यात्रा गोलघर स्थित माता काली मंदिर और सरदार पटेल की प्रतिमा के पास समाप्त होगी।
  • पदयात्रा के कारण शहर के कई इलाकों में सुबह सात बजे से रूट डायवर्जन लागू किया गया है, इसलिए वाहन चालकों को वैकल्पिक मार्ग अपनाने की सलाह दी गई है।
  • दो दिवसीय दौरे पर गोरखपुर पहुंचे भाजपा अध्यक्ष इस यात्रा के बाद संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों से भी मुलाकात करेंगे।

इस पदयात्रा का मकसद क्या बताया गया है?

भाजपा ने यह अभियान इंडिया गठबंधन के विरोध के जवाब में शुरू किया है। इंडिया गठबंधन ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कथित चुनावी अनियमितताओं को लेकर विरोध जताया था। भाजपा का कहना है कि इस तरह के विरोध से लोकतंत्र की गरिमा को नुकसान पहुंचता है, इसलिए जनता को जागरूक करने के लिए पदयात्राएं निकाली जा रही हैं। इससे पहले यह अभियान दिल्ली, हरियाणा, बिहार और पश्चिम बंगाल में भी चलाया जा चुका है। उत्तर प्रदेश में यह अभियान तीन से पांच नवंबर तक अलग-अलग शहरों में चल रहा है।

गोरखपुर का दौरा 2027 की तैयारी से क्यों जोड़ा जा रहा है?

गोरखपुर पूर्वांचल की राजनीति का केंद्र माना जाता है, इसलिए इस दौरे को 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारी के लिहाज से अहम माना जा रहा है। रिपोर्टों के अनुसार, हाल के शिक्षक एमएलसी चुनावों में मतपत्रों पर ‘यूजीसी रोल बैक’ लिखकर विरोध दर्ज कराने का मामला सामने आया था, और प्रयागराज की घटना के बाद पार्टी के भीतर असंतोष की चर्चा भी हुई थी। ऐसे माहौल में संगठन को मजबूत करना और सामाजिक समीकरणों को साधना इस दौरे का अहम मकसद बताया जा रहा है। पदयात्रा के अलावा राष्ट्रीय अध्यक्ष एनेक्सी भवन में प्रबुद्ध वर्ग के प्रतिनिधियों से संवाद करेंगे और शाम को उत्तर प्रदेश भाजपा की कोर कमेटी की बैठक में शामिल होंगे। बैठक में आगामी संगठनात्मक अभियानों और चुनावी रणनीति की रूपरेखा पर चर्चा होने की जानकारी दी गई है।

गोरखपुर के लोगों पर इसका क्या असर पड़ेगा?

पदयात्रा के दिन शहर के मुख्य मार्गों पर भीड़ और यातायात दबाव बढ़ना स्वाभाविक है। स्थानीय लोगों के लिए यह जानना जरूरी है कि यात्रा मार्ग पर कुछ समय के लिए आवाजाही प्रभावित हो सकती है। वहीं, राजनीतिक रूप से गोरखपुर में इस तरह के बड़े कार्यक्रमों से पूर्वांचल की राजनीति की दिशा का संकेत भी मिलता है। मुख्यमंत्री ने पदयात्रा से पहले कहा है कि कांग्रेस और इंडिया गठबंधन चुनावों में लगातार हार के बाद अपनी निराशा को अराजकता की राजनीति में बदल रहे हैं। उनका कहना है कि जनता ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी को उनकी नकारात्मक सोच के कारण बार-बार नकारा है।

स्रोत: आईएएनएस रिपोर्ट, 4 नवंबर 2026