Uttarakhand Government Advertisement

Gold price India 1 December 2025-सोने-चांदी के दामों ने तोड़ा सारा रिकॉर्ड, जानें क्यों चढ़ रहे हैं भाव?

Uttarakhand Government Advertisement
ताजा खबरों का अपडेट लेने के लिये ग्रुप को ज्वाइन करें Join Now

Gold price India 1 December 2025–नई दिल्ली। आज 1 दिसंबर 2025 है, और भारतीय बाजार में सोने-चांदी की चमक कम होने का नाम नहीं ले रही। त्योहारों की धूम, शादियों का सीजन और लगातार जारी आभूषणों की खरीदारी ने इन धातुओं की कीमतों को मजबूत बुनियाद दे दी है। ऊपर से दुनिया भर के केंद्रीय बैंक सोना खरीदने में जुटे हुए हैं, जिससे ग्लोबल डिमांड बढ़ रही है। लेकिन क्या ये तेजी लंबे समय तक चलेगी? आइए, 5W1H फॉर्मेट में इसकी पूरी कहानी समझते हैं – कौन, क्या, कब, कहां, क्यों और कैसे ये सब हो रहा है। हमारी ये रिपोर्ट विश्वसनीय स्रोतों जैसे वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल और मार्केट एक्सपर्ट्स की रिपोर्ट्स पर आधारित है, ताकि आपको सही और भरोसेमंद जानकारी मिले।

भारतीय बाजार में सोने-चांदी की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं। 24 कैरेट सोने का भाव आज ₹12,982 प्रति ग्राम है, जबकि 22 कैरेट का ₹11,900 प्रति ग्राम। 10 ग्राम के लिए 24 कैरेट सोना ₹1,29,820 का हो गया है। चांदी की बात करें तो ₹185 प्रति ग्राम या ₹1,85,000 प्रति किलोग्राम। ये दाम पिछले हफ्ते से ही ऊंचाई पर हैं, और त्योहारों के बाद भी शादियों की वजह से डिमांड बरकरार है। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल की रिपोर्ट के मुताबिक, 2025 में ग्लोबल गोल्ड डिमांड 4,974 टन तक पहुंच गई, जिसमें भारत का बड़ा योगदान है। चांदी ने भी सोने को पछाड़ा, 53% की तेजी के साथ। लेकिन ऊंचे दामों की वजह से ज्वेलरी की खरीदारी थोड़ी कम हुई, जबकि कॉइन्स और बार्स की डिमांड 300 टन से ऊपर बनी हुई है।

ये तेजी 2025 भर से चल रही है, लेकिन दिसंबर में पीक पर है। जनवरी से ही कीमतें चढ़नी शुरू हुईं – सोना ₹224,549 प्रति औंस से बढ़कर अब ₹384,197 प्रति औंस के रिकॉर्ड पर। अक्टूबर-नवंबर में दिवाली और धनतेरस ने आग में घी डाला, जब इंपोर्ट्स 37% बढ़ गए। अब दिसंबर-मार्च तक शादी का सीजन चल रहा है, जिसमें 50% सालाना गोल्ड खपत होती है। वर्ल्ड बैंक की रिपोर्ट कहती है कि 2025 में कीमतें 42% चढ़ेंगी, जो 1970 के दशक के बाद सबसे तेज ग्रोथ है। अगले हफ्ते अगर फेड रेट कट करता है, तो और उछाल आ सकता है।

ये सब मुख्य रूप से भारत के बाजारों में हो रहा है, जहां दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और जयपुर जैसे शहरों में दाम सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। दिल्ली में 24 कैरेट सोना ₹1,30,000 के आसपास, जबकि चेन्नई में थोड़ा प्रीमियम पर। ग्लोबली, लंदन बुलियन मार्केट और MCX पर ट्रेड हो रहा है, जहां औंस के हिसाब से सोना $4,068 तक पहुंचा। भारत में 90% गोल्ड इंपोर्ट होता है, यूएई और स्विट्जरलैंड से, जिससे रुपये की कमजोरी दामों को और चढ़ा रही है। साउथ इंडिया में शादियों की वजह से चांदी की डिमांड ज्यादा, जबकि नॉर्थ में ज्वेलरी ट्रेडर्स स्टॉक बिल्ड कर रहे हैं।

भारतीय उपभोक्ता, ज्वेलर्स और इनवेस्टर्स मुख्य प्लेयर्स हैं। शादियों के लिए दुल्हन-परिवार आभूषण खरीद रहे हैं, जबकि मिडिल क्लास कॉइन्स में इनवेस्ट कर रहा। ग्लोबली, केंद्रीय बैंक जैसे RBI, पोलैंड और तुर्की के बैंक सोना खरीद रहे – 2025 में 634 टन का नेट बायिंग। RBI ने साल में तीन बार खरीदा, जबकि ETF इनवेस्टर्स ने ₹276 अरब डाले। ज्वेलर्स जैसे PNG ज्वेलर्स और रिलायंस सिक्योरिटीज के एक्सपर्ट्स कहते हैं कि फेस्टिवल डिमांड ने कीमतों को सपोर्ट दिया। सिल्वर में इंडस्ट्रियल यूजर्स, जैसे सोलर पैनल मैन्युफैक्चरर्स, भी शामिल हैं।

कारण कई हैं, लेकिन मुख्य त्योहार और शादियां हैं। दिवाली के बाद शादी का सीजन 20-30% फुटफॉल बढ़ा रहा, जहां ब्राइडल सेट्स और गिफ्ट्स की डिमांड है। ऊपर से ग्लोबल अनिश्चितताएं – जियोपॉलिटिकल टेंशन, US डॉलर की कमजोरी और इन्फ्लेशन – सोने को सेफ हेवन बना रही। केंद्रीय बैंक 1,000 टन से ज्यादा सोना खरीद चुके, जो 2015-19 के औसत से दोगुना है। रुपये में 3.3% गिरावट ने इंपोर्टेड गोल्ड को महंगा किया। चांदी में सोलर एनर्जी और इलेक्ट्रॉनिक्स की डिमांड 452% बढ़ी। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के मुताबिक, ये फैक्टर्स मिलकर कीमतों को ऊंचा रखेंगे।

कीमतें कैसे तय होती हैं? इंटरनेशनल स्पॉट प्राइस, इंपोर्ट ड्यूटी (6% गोल्ड, 0% सिल्वर), और लोकल टैक्स से। MCX पर फ्यूचर्स ट्रेडिंग से लिक्विडिटी आती है, जहां डिसेंबर कॉन्ट्रैक्ट ₹1,20,743 पर खुले। ETF इनफ्लो ने डिमांड को बूस्ट दिया – भारत में 23 गोल्ड ETF लॉन्च हो चुके। ज्वेलर्स डिस्काउंट दे रहे, जैसे मेकिंग चार्ज में 3-5% छूट, ताकि हाई प्राइस के बावजूद बिक्री बनी रहे। ग्लोबल सेंट्रल बैंक बायिंग से सप्लाई टाइट हुई, जिससे प्रीमियम $25 प्रति औंस तक पहुंचा। फ्यूचर में अगर टैरिफ बढ़े, तो टेक्नोलॉजी डिमांड प्रभावित हो सकती, लेकिन इनवेस्टमेंट स्ट्रॉन्ग रहेगा।

भविष्य की तस्वीर: क्या खरीदें या इंतजार करें?

2025 में सोने-चांदी ने 50% से ज्यादा रिटर्न दिया, लेकिन दिसंबर में शादी सीजन से और उछाल संभव। एक्सपर्ट्स कहते हैं, ₹1,36,000-₹1,44,000 प्रति 10 ग्राम तक जा सकता सोना। चांदी ₹200 प्रति ग्राम पार कर सकती। लेकिन रिस्क है – प्रॉफिट बुकिंग से डिप आ सकता। इनवेस्टर्स के लिए ETF या SIP बेहतर, जबकि शॉपर्स ब्राइडल पीस अभी ले लें। वर्ल्ड बैंक की रिपोर्ट मानें तो 2026 में भी तेजी बरकरार। याद रखें, गोल्ड हमेशा इन्फ्लेशन हेज है।

शहरवार दामों पर नजर (1 दिसंबर 2025):

शहर24 कैरेट सोना (10g)22 कैरेट सोना (10g)चांदी (1kg)
दिल्ली₹1,30,000₹1,19,000₹1,85,000
मुंबई₹1,29,800₹1,18,900₹1,84,500
चेन्नई₹1,30,200₹1,19,200₹1,85,500
जयपुर₹1,29,900₹1,19,000₹1,84,800

ये दाम मार्केट एवरेज पर आधारित हैं, लोकल वैरिएशन हो सकता। कुल मिलाकर, त्योहारों और बैंकों की खरीदारी ने बाजार को चमकाया है।