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मुरादाबाद: नजूल की जमीन बेची तो खैर नहीं, खरीदार और विक्रेता दोनों जाएंगे जेल

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मयंक त्रिगुण, ब्यूरो चीफ

मुरादाबाद (ब्यूरो)। जनपद में सरकारी जमीन (नजूल संपत्ति) को लेकर भू-माफियाओं के सिंडिकेट पर जिला प्रशासन ने अपना शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। जिलाधिकारी अनुज सिंह ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट चेतावनी दी है कि नजूल की जमीनों की खरीद-फरोख्त या किसी भी तरह का ‘एग्रीमेंट’ करना पूरी तरह अवैधानिक है। डीएम ने साफ किया कि इस खेल में शामिल खरीदार और विक्रेता, दोनों ही पक्षों के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्यवाही की जाएगी।

माफियाओं के निशाने पर सरकारी भूखंड जिला प्रशासन के संज्ञान में आया है कि शहर के कुछ असामाजिक तत्व और भू-माफिया भोले-भाले लोगों को गुमराह कर नजूल की बेशकीमती जमीनों का सौदा कर रहे हैं। जिलाधिकारी ने जानकारी दी कि कई स्थानों पर शासन की अनुमति के बिना ही जमीनों के एग्रीमेंट किए जा रहे हैं। उन्होंने दो टूक कहा कि नजूल भूमि शासन की संपत्ति है और इस पर किया गया कोई भी निजी लेन-देन शून्य माना जाएगा।

आर्थिक नुकसान से बचें जनपदवासी डीएम ने जनता से अपील की है कि अपनी मेहनत की कमाई किसी भी विवादास्पद जमीन में न फंसाएं। किसी भी भूखंड का सौदा करने से पहले उसके स्वामित्व, राजस्व अभिलेख (खतौनी) और शासन की अनुमति की गहन जांच कर लें। माफियाओं के प्रलोभन में आकर किया गया सौदा न केवल रद्द होगा, बल्कि प्रशासन ऐसी भूमि को तत्काल जब्त कर खरीदार और विक्रेता के खिलाफ विधिक कार्रवाई सुनिश्चित करेगा।

प्रशासन की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति शासकीय संपत्ति के हनन को लेकर डीएम अनुज सिंह ने तहसील स्तर के अधिकारियों को भी पैनी नजर रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि नजूल भूमि पर अवैध कब्जा या अवैध हस्तांतरण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रशासन इस मामले में ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर काम कर रहा है।

“नजूल संपत्तियों का संरक्षण हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। बिना अनुमति के एग्रीमेंट करना सरकारी राजस्व की चोरी और धोखाधड़ी है। जो लोग सरकारी जमीन को अपनी बताकर बेच रहे हैं, उन्हें चिन्हित कर जेल भेजा जाएगा।” — अनुज सिंह, जिलाधिकारी मुरादाबाद