Kannauj News-जेल से दो बंदी 22 फीट ऊंची दीवार फांद कर भागे, 4 निलंबित

ताजा खबरों का अपडेट लेने के लिये ग्रुप को ज्वाइन करें Join Now

Kannauj Newsकन्नौज -जिला कारागार में पुलिसकर्मी और अफसर नए साल का जश्न मनाने में ही मशगूल रहे। इसी बीच दो विचाराधीन बंदी कंबलों की रस्सी बनाकर 22 फीट ऊंची दीवार फांदकर भाग गए। जेल प्रशासन को तब जानकारी हुई, जब बैरकों के अंदर गिनती की गई। दो बंदियों के भागने से जेल में खलबली मच गई। शासन ने डिप्टी जेलर समेत चार को निलंबित करते हुए डीआईजी जेल को जांच सौंपी है। साथ ही डीएम से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।

अमर उजाला की खबर के अनुसार अनौगी स्थित जिला कारागार में रविवार की रात नए साल के उपलक्ष्य में पार्टी का आयोजन किया था। पुलिसकर्मियों समेत सभी अफसर जश्न मनाने में मशगूल थे।

उसी समय विचाराधीन बंदी तालग्राम थाना क्षेत्र के ग्राम हजिरापुर निवासी अंकित व ठठिया थाना क्षेत्र के ग्राम मलगवां निवासी शिवा उर्फ डिंपी कंबलों की रस्सी बनाकर 22 फीट ऊंची दीवार फांदकर भाग गए। अंकित धान की ट्रॉली चोरी करने के आरोप में जेल में बंद था, जबकि डिंपी नाबालिग के अपहरण के मामले में पॉक्सो एक्ट के तहत निरुद्ध था।

पुलिस के मुताबिक बंदियों ने महिला बैरक के पास कंबलों की रस्सी में सरिया का एक टुकड़ बांधा और उसे दीवार के ऊपर बने पिलर से निकली सरिया में फेंक कर फंसा दिया। इसके बाद दोनों दीवार पर चढ़ गए और दूसरी तरफ खेतों में कूद कर भाग गए।

वॅाच टॉवरों पर भी निगरानी नहीं हो रही थी, जिससे बंदियों को भागने में आसानी रही। सोमवार सुबह 10 बजे जब जेल की बैरकों में बंदियों और कैदियों की गिनती हुई, तब दो बंदी कम होने की जानकारी हुई। इस घटना से जेल प्रशासन में खलबली मच गई। आनन-फानन में कारागार पुलिसकर्मी बस स्टेशन व रेलवे स्टेशन पर दोनों बंदियों को खोजने लगे।

जानकारी मिलने पर डीएम आशुतोष मोहन अग्निहोत्री, एसपी विनोद कुमार जेल पहुंचे और कारागार अधीक्षक भीमसेन मुकुंद से पूछताछ की। डीएम की संस्तुति पर शासन ने बैरक प्रभारी शिवेंद्र सिंह यादव, हेड जेल वार्डर शिवचरण, डिप्टी जेलर बद्री प्रसाद और जेलर विनय प्रताप सिंह को निलंबित कर दिया और मामले की जांच कानपुर के डीआईजी जेल प्रदीप गुप्ता को सौंप दी।

देर शाम डीआईजी जेल ने कारागार का निरीक्षण किया। पूरे मामले में जेल अधीक्षक की लापरवाही सामने आई है। डीआईजी ने बताया कि जांच के बाद रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी, जिसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।