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बरेली: 3 दिन में शुगर ठीक करने का झांसा देकर नकली दवा बेचने वाले गिरोह का भंडाफोड़, 3 गिरफ्तार

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बरेली: डायबिटीज (शुगर) के मरीजों की परेशानी और जल्द ठीक होने की उम्मीद का फायदा उठाकर उन्हें नकली दवाएं बेचने वाले एक गिरोह का बरेली पुलिस ने पर्दाफाश किया है। बारादरी थाना पुलिस ने सैलानी इलाके में छापेमारी कर बिना किसी वैध लाइसेंस के चल रही एक फर्जी आयुर्वेदिक कंपनी का भंडाफोड़ करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

सोशल मीडिया पर फैला रखा था भ्रामक विज्ञापनों का जाल यह गिरोह फेसबुक, इंस्टाग्राम समेत अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भ्रामक विज्ञापन चलाता था, जिनमें दावा किया जाता था कि उनकी दवा से मात्र तीन दिन में शुगर की बीमारी पूरी तरह ठीक हो जाएगी। इन विज्ञापनों के झांसे में आकर जब कोई व्यक्ति संपर्क करता, तो गिरोह के सदस्य अपने कथित कॉल सेंटर के जरिए फोन पर बात कर उन्हें फंसाते और दवा का ऑर्डर ले लेते थे।

नकली बिल और कैश ऑन डिलीवरी का खेल ऑर्डर कन्फर्म होने के बाद फर्जी कंपनी के नाम से नकली बिल तैयार किए जाते थे। इसके बाद कूरियर के माध्यम से ‘कैश ऑन डिलीवरी’ (COD) पर नकली दवाएं ग्राहकों तक पहुंचाई जाती थीं।

भारी मात्रा में गैजेट्स और फर्जी दवाएं बरामद पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान साजिद मलिक, इस्लाम और मोहम्मद जफर के रूप में हुई है। छापेमारी के दौरान इनके ठिकाने से निम्नलिखित सामान बरामद हुआ है:

  • 14 मोबाइल फोन और 3 लैपटॉप (चार्जर सहित)
  • 75 फर्जी दवाएं (जिनमें ‘डायबो डायबिटिक पाउडर’ और ‘ब्रह्म शुगर केयर’ जैसे उत्पाद शामिल हैं)
  • नकली बिल, शिपिंग लेबल और ऑनलाइन शॉपिंग वेबसाइट से जुड़ा डेटा

आईटी एक्ट समेत कई धाराओं में FIR दर्ज सीओ ने बताया कि 12 सितंबर 2026 को मिली एक गुप्त सूचना के आधार पर बारादरी पुलिस ने यह बड़ी कार्रवाई की। जांच में सामने आया कि आरोपी बिना किसी वैध लाइसेंस के फर्जी वेबसाइट बनाकर इन नकली दवाओं का ऑनलाइन कारोबार कर रहे थे। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ आईटी एक्ट और संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। गिरोह के फरार सदस्यों की तलाश और अन्य लोगों की भूमिका की गहनता से जांच की जा रही है।