मुरादाबाद : उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में स्वास्थ्य विभाग उस वक्त पूरी तरह से अलर्ट मोड पर आ गया, जब शहर में करीब 10 साल बाद स्वाइन फ्लू (H1N1) वायरस ने दोबारा दस्तक दी। गाजियाबाद से अपने मायके आई एक महिला चिकित्सक (Doctor) में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है। इस केस के सामने आते ही जिले में हड़कंप की स्थिति है और स्वास्थ्य विभाग ने तत्काल एहतियाती कदम उठाने शुरू कर दिए हैं।
मायके आई थीं डॉ. पूजा, ऐसे सामने आए लक्षण
जानकारी के मुताबिक, 30 वर्षीय डॉ. पूजा शर्मा वर्तमान में गाजियाबाद में रहती हैं। दो दिन पहले ही वह मुरादाबाद के जिगर कॉलोनी स्थित अपने मायके में परिजनों से मिलने आई थीं। यहां आने के बाद उन्हें अचानक तेज बुखार, खांसी, गले में खराश, सिर दर्द और बदन दर्द की गंभीर शिकायत हुई। कोरोना और स्वाइन फ्लू जैसे लक्षण महसूस होने पर उन्होंने अपनी आवश्यक जांचें कराईं, जिसकी रिपोर्ट में उनके स्वाइन फ्लू (H1N1) पॉजिटिव होने की पुष्टि हुई।
निजी अस्पताल में किया गया आइसोलेट, परिवार की काउंसलिंग
डॉक्टर की रिपोर्ट पॉजिटिव आते ही स्वास्थ्य विभाग की रैपिड रिस्पांस टीम (Rapid Response Team) हरकत में आ गई। महिला चिकित्सक को शहर के ही एक निजी अस्पताल में भर्ती कराकर एक विशेष कमरे में आइसोलेट (Isolate) कर दिया गया है। मेडिकल टीम उनके स्वास्थ्य की लगातार निगरानी कर रही है। इसके साथ ही, रैपिड रिस्पांस टीम ने एहतियात के तौर पर डॉक्टर के परिजनों से भी संपर्क कर उनकी जांच और काउंसलिंग की है।
स्वास्थ्य विभाग का अलर्ट: जिला अस्पताल में 12 बेड रिजर्व
जिले में 10 साल बाद स्वाइन फ्लू का केस मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने किसी भी संभावित खतरे को टालने के लिए कमर कस ली है। विभाग की ओर से आम जनता के बचाव के लिए एक एडवाइजरी भी जारी की गई है। इसके अलावा, किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए मुरादाबाद के जिला अस्पताल में स्वाइन फ्लू के मरीजों के लिए 12 बेड तत्काल प्रभाव से रिजर्व (Reserve) कर दिए गए हैं।