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मुरादाबाद: लोगी खुर्द में पिंजरे में कैद हुआ 11वां तेंदुआ, 4 मौतों के बाद ग्रामीणों ने ली राहत की सांस, लेकिन खौफ बरकरार

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मुरादाबाद/ठाकुरद्वारा: मुरादाबाद जिले में आदमखोर तेंदुओं का आतंक ग्रामीणों के लिए लंबे समय से बड़ी मुसीबत बना हुआ है। इसी बीच, ठाकुरद्वारा क्षेत्र के लोगी खुर्द गांव से एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। यहां वन विभाग द्वारा लगाए गए पिंजरे में एक और खूंखार तेंदुआ कैद हो गया है। तेंदुए के पकड़े जाने की सूचना मिलते ही गांव वालों ने राहत की सांस ली और उसे देखने के लिए मौके पर भारी भीड़ जुट गई।

अब तक 11 तेंदुओं का हो चुका है रेस्क्यू

मुरादाबाद वन विभाग तेंदुओं को पकड़ने के लिए लगातार रेस्क्यू अभियान चला रहा है। ताजे आंकड़ों के अनुसार:

  • जिले में अब तक कुल 11 तेंदुओं को सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया जा चुका है।
  • इनमें से 10 तेंदुए केवल ठाकुरद्वारा तहसील क्षेत्र से पकड़े गए हैं, जो इस इलाके की संवेदनशीलता को दर्शाता है।
  • इसके अलावा, एक तेंदुआ कांठ तहसील से पकड़ा गया है।

4 मौतें और एक दर्जन घायल, बलिया गांव में दहशत

तेंदुए के पिंजरे में कैद होने से लोगी खुर्द के लोगों को तात्कालिक राहत जरूर मिली है, लेकिन खतरा अभी पूरी तरह से टला नहीं है।

  • इन खूंखार तेंदुओं के हमलों में अब तक 4 लोगों की दर्दनाक मौत हो चुकी है, जबकि एक दर्जन से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
  • ग्रामीणों का कहना है कि इलाके में अभी भी कई तेंदुए घूम रहे हैं। विशेष रूप से बलिया गांव (जहां हाल ही में जानलेवा हमले हुए हैं) और उसके आसपास के इलाकों में तेंदुओं की मौजूदगी के कारण भारी दहशत का माहौल है।

बाकी तेंदुओं को पकड़ने की मांग तेज

लोगी खुर्द में तेंदुआ पकड़े जाने के बाद अब अन्य प्रभावित गांवों के ग्रामीणों ने वन विभाग से अपनी मांग तेज कर दी है। ग्रामीणों का कहना है कि खेतों और जंगलों में अभी भी कई तेंदुओं की मूवमेंट देखी जा रही है। उन्होंने वन विभाग से अपील की है कि बाकी तेंदुओं को भी जल्द से जल्द पकड़ा जाए, ताकि इलाके के लोग बिना किसी खौफ के अपने खेतों में जा सकें और सामान्य जीवन जी सकें।