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बलिया गांव में फिर दिखा तेंदुए का खौफ: महिला पर किया हमला, सिर पर रखा चारे का गट्ठर फेंककर बचाई जान

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Moradabad News-बलिया: आदमखोर तेंदुओं का आतंक कम होने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार को बलिया गांव में एक बार फिर तेंदुए ने ग्रामीण को अपना शिकार बनाने की कोशिश की। खेतों में काम कर रहे किसानों और महिलाओं के लिए अब घर से बाहर निकलना भी मौत को दावत देने जैसा हो गया है।

मौत को मात: महिला के साहस से बची जान

जानकारी के अनुसार, गांव की रहने वाली प्रेमवती नामक महिला खेत में अपने पशुओं के लिए चारा इकट्ठा करने गई थीं।

  • जब वह चारा लेकर लौट रही थीं, तभी घात लगाए बैठे तेंदुए ने उन पर अचानक हमला कर दिया।
  • हमले से घबराने के बजाय महिला ने गजब का साहस दिखाया। उसने अपने सिर पर रखा भारी चारे का गट्ठर सीधा तेंदुए की ओर फेंक दिया और जोर-जोर से शोर मचाने लगी।
  • महिला का शोर सुनकर आस-पास के ग्रामीण तुरंत दौड़ पड़े, जिन्हें आता देख तेंदुआ वापस घने जंगल की ओर भाग गया।

वन विभाग की लापरवाही से ग्रामीणों में आक्रोश

इस खौफनाक घटना के बाद जब वन विभाग को सूचना दी गई, तो विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई। मौके पर कोई भी जिम्मेदार और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद नहीं था।

  • बताया जा रहा है कि विभाग के वरिष्ठ अधिकारी किसी अन्य स्थान पर पकड़े गए तेंदुए के रेस्क्यू अभियान में व्यस्त थे।
  • बलिया जैसे बेहद संवेदनशील और खतरनाक क्षेत्र की सुरक्षा की जिम्मेदारी केवल तीन वनकर्मियों के भरोसे छोड़ दी गई है।

‘खेतों में जाएं तो तेंदुआ खाएगा, न जाएं तो पशु मरेंगे’

वन विभाग के इस उदासीन रवैये से ग्रामीणों में गहरा आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि उनकी स्थिति ‘आगे कुआं, पीछे खाई’ जैसी हो गई है। अगर वे खेतों में चारा लेने जाते हैं, तो तेंदुए के हमले का खौफ रहता है और अगर डर के मारे घर बैठ जाएं, तो उनके मवेशी (पशु) भूख से मर जाएंगे। ग्रामीणों ने प्रशासन और वन विभाग से तत्काल ठोस कदम उठाने और सुरक्षा सुनिश्चित करने की सख्त मांग की है।