Moradabad News : आदमखोर तेंदुओं का आतंक कम होने का नाम नहीं ले रहा है। वन विभाग के लगातार रेस्क्यू अभियानों के बावजूद मौतों का सिलसिला जारी है। मंगलवार का दिन क्षेत्र के ग्रामीणों के लिए एक तरफ जहां राहत की खबर लेकर आया, वहीं दूसरी तरफ एक और खौफनाक हादसे ने पूरे इलाके को दहला दिया।
सुबह मिली कामयाबी, 10वां तेंदुआ पिंजरे में हुआ कैद
मंगलवार सुबह वन विभाग को तेंदुआ प्रभावित क्षेत्र में एक बड़ी सफलता मिली। सहसपुरी गांव में वन विभाग द्वारा लगाए गए ट्रैप केज (पिंजरे) में एक तेंदुआ कैद हो गया। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर तेंदुए को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया। आपको बता दें कि लगातार चलाए जा रहे इस अभियान के तहत अब तक कुल 10 तेंदुए पकड़े जा चुके हैं।
कामयाबी के चंद घंटों बाद बलिया गांव में मचा कोहराम
वन विभाग की टीम अभी सहसपुरी में तेंदुए के पकड़े जाने की राहत की सांस ले ही रही थी कि पास के बलिया गांव से एक दिल दहला देने वाली खबर आ गई। यहां खेत में चारा काटने गईं मिथलेश नाम की महिला पर एक दूसरे तेंदुए ने जानलेवा हमला कर दिया।
पति के सामने गर्दन पकड़कर घसीट ले गया आदमखोर
जानकारी के अनुसार, मिथलेश अपने पति देवांश के साथ खेत पर गई थीं। चारा काटने के दौरान अचानक घात लगाए बैठे तेंदुए ने महिला पर हमला बोल दिया। तेंदुआ उनकी गर्दन पकड़कर उन्हें खींच ले गया। पत्नी को बचाने के लिए पति देवांश ने शोर मचाया। शोर सुनकर आस-पास के खेतों में काम कर रहे लोग लाठी-डंडे लेकर दौड़े, तब जाकर तेंदुआ महिला को छोड़कर जंगल की तरफ भाग खड़ा हुआ। लेकिन तब तक महिला की दर्दनाक मौत हो चुकी थी।
नहीं थम रहा मौतों का सिलसिला, अब तक 3 की जा चुकी है जान
बलिया गांव में तेंदुए के हमले से यह दूसरी मौत है। ग्रामीणों में दहशत और वन विभाग के प्रति भारी रोष है:
- 18 अगस्त: बलिया गांव में ही खेत पर काम करने गई विरमो देवी की तेंदुए ने जान ले ली थी।
- 3 अगस्त: इससे पहले लालापुर पीपलसाना में संतोष देवी भी तेंदुए का शिकार बन चुकी हैं।
- ताजा घटना: अब मिथलेश की मौत के बाद ग्रामीणों का घर से बाहर निकलना भी मुश्किल हो गया है।