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रेलवे और आर्मी में नौकरी के नाम पर 10-10 लाख की ठगी, मेरठ STF ने मुरादाबाद से दबोचे दो मास्टरमाइंड

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मुरादाबाद। सरकारी नौकरी पाने का सपना देख रहे बेरोजगार युवाओं को अपने जाल में फंसाकर लाखों रुपये ऐंठने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का मेरठ एसटीएफ (STF) ने भंडाफोड़ किया है। एसटीएफ की टीम ने बुधवार देर रात मुरादाबाद में घेराबंदी कर गैंग के दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। गुरुवार शाम एसटीएफ ने प्रेसनोट जारी कर इस बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश किया।

मुरादाबाद और संभल के रहने वाले हैं आरोपी

एएसपी एसटीएफ बृजेश कुमार सिंह ने बताया कि टीम को मुरादाबाद के थाना डिलारी स्थित ग्राम ढकिया पीरु निवासी अशरफ अली के बारे में सूचना मिली थी। वह युवाओं को सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर ठगी कर रहा था। बुधवार को एसटीएफ को पक्की भनक लगी कि अशरफ अली अपने एक साथी के साथ मुरादाबाद में मौजूद है। टीम ने तुरंत घेराबंदी कर अशरफ और उसके साथी विवेक (निवासी ग्राम जरगांव, बिलारी, हाल निवासी आवास विकास कॉलोनी, चंदौसी, संभल) को गिरफ्तार कर लिया।

10 लाख रुपये फीस, और फर्जी जॉइनिंग लेटर

पूछताछ में सामने आया है कि यह गिरोह बेहद शातिर तरीके से काम करता था। ये लोग भारतीय रेलवे, सेना, डाक विभाग, वनरक्षक, दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) और दिल्ली पावर कॉरपोरेशन जैसे विभागों में नौकरी दिलाने का सपना दिखाकर प्रति कैंडिडेट 10 लाख रुपये तक वसूलते थे। रकम मिलने के बाद ये युवाओं को ईमेल पर फर्जी जॉइनिंग लेटर और आई कार्ड भेज देते थे। जब युवा जॉइनिंग के लिए संबंधित विभाग पहुंचता था, तब उसे अपने साथ हुए फ्रॉड का पता चलता था।

भरोसा जीतने के लिए दिल्ली के दफ्तरों का कराते थे टूर

यह गिरोह इतना शातिर है कि युवाओं को पूरी तरह से झांसे में लेने के लिए उन्हें उन सरकारी विभागों के दिल्ली स्थित दफ्तरों तक लेकर जाता था, जिनका वे फर्जी जॉइनिंग लेटर तैयार करते थे। सारी डीलिंग फोन पर होती थी और मोटी रकम हाथ लगते ही ये लोग अपना सिम कार्ड तोड़कर फेंक देते थे। एसटीएफ अधिकारियों के मुताबिक, इस गिरोह के कई अन्य सदस्य भी रडार पर हैं, जिनकी जल्द ही गिरफ्तारी की जाएगी।