Uttarakhand Government Advertisement

Tigri Ganga Mela 2025 : कार्तिक पूर्णिमा में लाखों श्रद्धालु लगाएंगे आस्था की डुबकी

Uttarakhand Government Advertisement
ताजा खबरों का अपडेट लेने के लिये ग्रुप को ज्वाइन करें Join Now

Tigri Ganga Mela 2025 :अमरोहा के गजरौला तिगरी धाम में हर साल की तरह इस बार भी कार्तिक पूर्णिमा मेले की धूम मचने वाली है। तैयारियां अपने अंतिम चरण में हैं और श्रद्धालुओं का आना शुरू हो गया है। यह मेला पश्चिमी यूपी का एक ऐतिहासिक और आध्यात्मिक आयोजन है, जिसमें लाखों लोग आस्था की डुबकी लगाने पहुंचते हैं। प्रशासन भी इस मेले को भव्य और सुरक्षित बनाने के लिए जी-जान से जुटा है। आइए जानते हैं, इस बार क्या खास है इस मेले में।

प्रशासन की मुस्तैदी, मेले को बनाएंगे और भव्य

पश्चिमी यूपी का यह मेला न सिर्फ धार्मिक, बल्कि सांस्कृतिक दृष्टि से भी खास है। अमरोहा के जिला प्रशासन ने इस बार मेले को पहले से कहीं ज्यादा भव्य बनाने का बीड़ा उठाया है। जिलाधिकारी ने साफ कहा है कि इस बार मेले में पिछले सालों से ज्यादा चमक-दमक और व्यवस्था होगी। जिले के आला अधिकारी मेले की तैयारियों का जायजा ले रहे हैं। सुरक्षा, स्वच्छता और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए हर स्तर पर काम हो रहा है। मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है।

श्रद्धालुओं की भीड़, आस्था की डुबकी

कार्तिक पूर्णिमा का यह मेला आस्था का केंद्र है। हर साल लाखों श्रद्धालु गजरौला तिगरी धाम पहुंचते हैं और गंगा में स्नान कर पुण्य कमाते हैं। इस बार भी उम्मीद है कि श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ेगी। मेले की तैयारियां देखकर लगता है कि इस बार का आयोजन और भी खास होने वाला है। तरह-तरह की दुकानें, सांस्कृतिक कार्यक्रम और धार्मिक अनुष्ठान मेले की रौनक को दोगुना करेंगे। प्रशासन का दावा है कि मेले में हर तरह की व्यवस्था चाक-चौबंद रहेगी, ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की दिक्कत न हो।

मेले की रौनक, हर तरफ उत्साह

गजरौला तिगरी धाम का यह मेला सिर्फ धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि एक सांस्कृतिक उत्सव भी है। मेले में आने वाले लोग न सिर्फ पूजा-अर्चना करते हैं, बल्कि मेले की रंग-बिरंगी दुकानों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी लुत्फ उठाते हैं। प्रशासन ने मेले को और आकर्षक बनाने के लिए कई तरह की तैयारियां की हैं। उम्मीद है कि इस बार का मेला पिछले सालों से कहीं ज्यादा यादगार होगा।