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Tik Tok News : केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने Tik Tok पर दिया बड़ा जवाब

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Tik Tok : शॉर्ट वीडियो प्लेटफॉर्म Tik Tok को लेकर बड़ा अपडेट है। कुछ दिन पहले भारत में टिक टॉक की वापसी के कयास लगाए जा रहे थे, लेकिन इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने अफवाहों पर ब्रेक लगा दिए हैं। उन्होंने साफ किया है कि सरकार ने अभी टिक टॉक से बैन हटाने का कोई प्लान नहीं बनाया है। बता दें कि कुछ दिन पहले तकनीकि खराबी के चलते भारत में टिक टॉक की वेबसाइट खुलने लगी थी। इससे लोगों ने अंदाजा लगाया कि जल्द ही भारत में टिक टॉक पर बैन हट सकता है।

22 अगस्त को चली थी वेबसाइट

भारत में गत 22 अगस्त को टिक टॉक की वेबसाइट खुली थी। एक्स प्लेटफॉर्म पर भी इसकी चर्चा शुरू हो गई थी। उसी बीच चीन के राजदूत भारत दौरे पर आए थे। पीएम मोदी के भी चीन जाने की चर्चा थी। भारत और चीन के रिश्ते सुधरते दिख रहे थे। इससे लोगों ने कयास लगाए थे कि जल्द ही भारत में टिक टॉक पर लगा बैन हट सकता है। हालांकि अब आईटी मंत्री ने साफ कर दिया है कि सरकार इसके बारे में कोई योजना नहीं बना रही है।

5 साल पहले लगा था बैन

भारत ने राष्ट्रीय सुरक्षा और डेटा निजता का हवाला देते हुए टिक टॉक समेत 59 चीनी एप पर बैन लगा दिया था। तब से इस पर बैन लगा हुआ। यह भारत में काफी प्रसिद्घ हो गया था। सरकार का तर्क था कि ये एप चीन के सर्वर में यूजर्स का डाटा भेज रहे थे। भारत सरकार ने कंपनी से मांग की थी कि भारत का डेटा भारत में ही स्टोर किया जाए। यह शर्त नहीं मानने के लिए भारत सरकार ने इन एप पर बैन लगा दिया था।

क्यों लगा था बैन?

साल 2022 में भारत के गलवान घाटी में चीनी सैनिकों ने घुसपैठ की कोशिश की थी। इससे बॉर्डर पर तनाव काफी बढ़ गया था। उस दौरान तनाव के हिंसक झड़क भारत और चीन के कई सैनिक शहीद हुए थे। तभी भारत सरकार ने टिक टॉक समेत करीब 59 ऐप्स पर प्रतिबंध लगाया गया था। इसमें शेयरइट, यूसी ब्राउजर, यूसी न्यूज जैसे फेमस एप भी शामिल थे। सरकार के इस कदम को डिजिटल स्ट्राइक माना गया था। भारत सरकार ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 की धारा 69A के तहत ऐसे 59 एप को बैन किया था।