Moradabad Cyber Crime : KYC और बिजली बिल के नाम पर करते थे लाखों की ठगी, झारखंड का साइबर गिरोह चढ़ा पुलिस के हत्थे

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मुरादाबाद। ऑनलाइन ठगी और साइबर अपराधियों पर नकेल कसने के लिए मुरादाबाद साइबर क्राइम थाना पुलिस ने बड़ी कामयाबी हासिल की है। पुलिस ने ‘ऑपरेशन Cy-Vajra’ के तहत एक बड़ी कार्रवाई करते हुए झारखंड के तीन शातिर साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। ये अपराधी सोशल मीडिया, व्हाट्सएप और एसएमएस के जरिए फर्जी APK (Android Package Kit) फाइल भेजकर लोगों के मोबाइल हैक करते थे और उनके बैंक खातों में सेंध लगाकर लाखों रुपये उड़ा लेते थे।

पुलिस अधीक्षक नगर (SP City) कुमार रणविजय सिंह ने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान गुड्डू अंसारी (जामताड़ा), रफीक अंसारी और करीम अंसारी (दुमका, झारखंड) के रूप में हुई है।

कैसे करते थे ठगी? (Modus Operandi)

पुलिस जांच में इन शातिर ठगों के काम करने के तरीके (Modus Operandi) का चौंकाने वाला खुलासा हुआ है:

  • फर्जी APK फाइल: आरोपी बैंक KYC अपडेट, बिजली बिल, कूरियर या सरकारी योजनाओं के नाम पर लोगों को APK फाइल भेजते थे। पीड़ित जैसे ही इसे इंस्टॉल करता, आरोपी उसके मोबाइल का पूरा कंट्रोल हासिल कर लेते थे।
  • फर्जी कस्टमर केयर: ठग गूगल पर बैंक या ई-वॉलेट के फर्जी कस्टमर केयर नंबर अपलोड करते थे। कॉल करने वाले को बैंक अधिकारी बनकर फंसाते थे।
  • टास्क और गेमिंग ऐप: फर्जी निवेश, बोनस और रिचार्ज ऑफर का लालच देकर पहले थोड़ा फायदा कराते थे और फिर बड़ी रकम जमा कराकर चंपत हो जाते थे।

गिरफ्तारी और बरामदगी (एक नज़र में):

विवरणजानकारी
गिरफ्तार आरोपीगुड्डू अंसारी (जामताड़ा), रफीक अंसारी व करीम अंसारी (दुमका)
ठगी का आंकड़ालगभग 60 से 70 लाख रुपये (16 मामले NCRP पोर्टल पर दर्ज)
बरामदगी7 मोबाइल, 4 पेन ड्राइव, 33 सिम कार्ड (23 एक्टिव+10 नए), 10 ATM, 11 पहचान पत्र और 25,000 रुपये नकद
पुलिस अभियानऑपरेशन ‘Cy-Vajra’

मुरादाबाद पुलिस की अपील (Cyber Advisory)

इस बड़े खुलासे के बाद मुरादाबाद पुलिस ने आम जनता के लिए साइबर सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है। पुलिस ने अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजी गई APK फाइल को कतई डाउनलोड न करें। कैशबैक, रिवॉर्ड या KYC के नाम पर आए संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें। अपना UPI PIN और OTP कभी किसी से साझा न करें।

अगर आपके साथ कोई संदिग्ध गतिविधि या साइबर ठगी होती है, तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 डायल करें या cybercrime.gov.in पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं।