मुरादाबाद: जिले की सदर तहसील में तैनात एक लेखपाल पर ग्राम समाज की सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा कराने के गंभीर आरोप लगे हैं। ग्रामीणों की शिकायत पर मुरादाबाद मंडल की कमिश्नर संगीता सिंह ने कड़ा रुख अपनाते हुए जिलाधिकारी (डीएम) को मामले की जांच कर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। कमिश्नर के इस एक्शन के बाद से पूरी तहसील में खलबली मची हुई है और जांच की जद में आने वाले कर्मचारियों में हड़कंप का माहौल है।
क्या है पूरा मामला? यह पूरा विवाद सदर तहसील क्षेत्र के गांव रसूलपुर नगला खेम से जुड़ा है। शिकायतकर्ता ग्रामीणों का आरोप है कि हलके के लेखपाल ने मिलीभगत करके ग्राम समाज की बहुमूल्य भूमि पर अवैध कब्जा करवा दिया है। इतना ही नहीं, कब्जाई गई इस सरकारी जमीन पर बाकायदा बिल्डिंग भी खड़ी कर दी गई है।
ग्रामीणों के मुताबिक, गांव के दो लोगों के नाम पर कुल 21 बीघा जमीन दर्ज है, लेकिन मौके पर वे 26 बीघा जमीन जोत रहे हैं। जब गांव वालों ने इस अवैध कब्जे का विरोध किया, तो लेखपाल ने निष्पक्ष कार्रवाई करने के बजाय आरोपियों का ही पक्ष लिया और उन्हें संरक्षण दिया।
कमिश्नर के आदेश से मची खलबली लेखपाल का आरोपियों के प्रति समर्थन देखकर आक्रोशित ग्रामीणों ने सीधे कमिश्नर संगीता सिंह से मामले की शिकायत की। कमिश्नर ने इस प्रकरण को बेहद गंभीरता से लिया और डीएम को तत्काल प्रभाव से जांच कर एक्शन लेने के निर्देश दिए।
कमिश्नर द्वारा जांच के आदेश दिए जाने के बाद से तहसील प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है। मामले में संलिप्त लेखपाल और अन्य संबंधित कर्मचारियों में कार्रवाई की तलवार लटकने का डर सता रहा है। वहीं, तहसील सूत्रों का यह भी कहना है कि अगर इस मामले की गहराई से जांच हुई, तो ग्राम समाज की जमीन पर कब्जे के कई और बड़े मामले भी जल्द ही प्रकाश में आ सकते हैं।