moradabad news-उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले की ठाकुरद्वारा विधानसभा सीट पर सियासी सरगर्मियां अचानक बेहद तेज हो गई हैं। पूर्व प्रत्याशी और इलाके के कद्दावर नेता मुजाहिद अली अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ समाजवादी पार्टी (सपा) में शामिल हो गए हैं। उनके इस कदम के बाद से ही जिले के राजनीतिक समीकरण पूरी तरह बदलते नजर आ रहे हैं। असल में, राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा जोरों पर है कि मुजाहिद अली आगामी चुनावों में ठाकुरद्वारा विधानसभा सीट से सपा के टिकट के सबसे प्रबल दावेदार बनकर उभरे हैं।
राजनीतिक जानकारों की मानें तो मुजाहिद अली का एन वक्त पर सपा में जाना पार्टी के भीतर पहले से ही टिकट की आस लगाए बैठे बाकी दावेदारों के लिए एक बहुत बड़ा झटका माना जा रहा है। उनके आने से पार्टी के भीतर टिकट की रेस न सिर्फ बेहद दिलचस्प हो गई है, बल्कि अंदरूनी प्रतिस्पर्धा भी चरम पर पहुंच गई है। मुजाहिद अली के साथ ही वार्ड नंबर 6 से पूर्व जिला पंचायत सदस्य प्रत्याशी शावेज अली ने भी साइकिल की सवारी कर ली है, जिससे मुरादाबाद में समाजवादी पार्टी का कुनबा और भी ज्यादा मजबूत हुआ है।
Thakurdwara Assembly Seat: मुजाहिद अली की एंट्री से क्यों मची है खलबली?
दरअसल, मुजाहिद अली सिर्फ एक नाम नहीं हैं, बल्कि ठाकुरद्वारा विधानसभा-26 क्षेत्र में उनकी एक बेहद मजबूत जमीनी पकड़ मानी जाती है। वह पूर्व में ब्लॉक प्रमुख भी रह चुके हैं और पिछले विधानसभा चुनाव में प्रत्याशी के तौर पर अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज करा चुके हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, मुजाहिद अली का क्षेत्र के ग्रामीण और शहरी दोनों ही इलाकों के मतदाताओं से सीधा जुड़ाव है। यही वजह है कि समाजवादी पार्टी में शामिल होते ही ठाकुरद्वारा विधानसभा सीट पर टिकट की दावेदारी के मामले में उनका पलड़ा सबसे भारी दिखने लगा है और विरोधी खेमे भी नए सिरे से रणनीति बनाने पर मजबूर हो गए हैं।
टिकट की रेस में बाकी दावेदारों की बढ़ी धड़कनें
मुजाहिद अली की इस धमाकेदार एंट्री ने समाजवादी पार्टी के उन स्थानीय नेताओं की रातों की नींद उड़ा दी है, जो लंबे समय से क्षेत्र में पसीना बहा रहे थे और खुद को टिकट का स्वाभाविक उम्मीदवार मानकर चल रहे थे। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि मुजाहिद अली के पास न केवल बड़ा जनाधार है बल्कि चुनाव लड़ने और लड़ाने का एक लंबा राजनीतिक अनुभव भी है। ऐसे में पार्टी नेतृत्व के लिए उनके नाम और प्रभाव को नजरअंदाज करना आसान नहीं होगा। यही कारण है कि टिकट के बाकी दावेदारों के खेमे में इस समय गहरी मायूसी और बेचैनी साफ देखी जा सकती है।
अखिलेश यादव की रणनीति और मुरादाबाद का नया समीकरण
मुरादाबाद जिले की राजनीति हमेशा से ही समाजवादी पार्टी के लिए बेहद खास रही है। अखिलेश यादव और आजम खान जैसे बड़े नेताओं के पोस्टरों के साथ सोशल मीडिया पर वायरल हो रही ‘दिली मुबारकबाद’ की तस्वीरें इस बात की गवाही दे रही हैं कि इस ज्वाइनिंग को पार्टी हाईकमान से पूरी हरी झंडी मिली हुई थी। पोस्टर पर साफ लिखा है- ‘जनसेवा ही हमारा संकल्प है।’ असल में, सपा इस सीट पर किसी भी हाल में कोई जोखिम नहीं उठाना चाहती, और मुजाहिद अली के रूप में उन्हें एक ऐसा चेहरा मिल गया है जो चुनावी वैतरणी पार लगाने का दम रखता है। उनके साथ आए शावेज अली के अनुभव से भी संगठन को जमीनी स्तर पर नई ताकत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
बहरहाल, मुजाहिद अली के सपा में आने से ठाकुरद्वारा विधानसभा सीट पर टिकट को लेकर अंदरूनी खींचतान बढ़ने के पूरे आसार हैं। अब देखना यह होगा कि पार्टी हाईकमान आने वाले समय में इस जमीनी हकीकत को कैसे संभालता है और बाकी दावेदारों की नाराजगी को दूर करने के लिए क्या रास्ता निकालता है। लेकिन एक बात तो पूरी तरह साफ है कि मुजाहिद अली की इस ‘साइकिल यात्रा’ ने मुरादाबाद की पूरी सियासत का पारा गर्मा दिया है।