ठाकुरद्वारा में ऑनलाइन सर्वे के नतीजों ने उड़ाए बड़े-बड़े नेताओं के होश, मुजाहिद अली को मिला एकतरफा प्यार

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Moradabad news-उत्तर प्रदेश के ठाकुरद्वारा विधानसभा क्षेत्र में इस वक्त जो हो रहा है, उसने बड़े-बड़े सियासी धुरंधरों के माथे पर पसीना ला दिया है। सोशल मीडिया पर हाल ही में आए UPUKLive के ऑनलाइन सर्वे के नतीजों ने न केवल समीकरण बदल दिए हैं, बल्कि ठाकुरद्वारा की राजनीति में एक नया ‘पावर सेंटर’ खड़ा कर दिया है। इस सर्वे में जबरदस्त बढ़त हासिल करने के बाद मुजाहिद अली का कद इतना बढ़ गया है कि विरोधियों के खेमे में अब खलबली साफ देखी जा सकती है। इसी गरमागरम माहौल के बीच, मुजाहिद अली ने UPUKLive के चीफ एडिटर मुहम्मद फैज़ान से खास बातचीत की और ऐसे खुलासे किए जो आने वाले दिनों में क्षेत्र की पूरी तस्वीर बदल सकते हैं।

मुजाहिद अली के तेवर अब पहले से कहीं ज्यादा आक्रामक और स्पष्ट हैं। उन्होंने सर्वे में मिली इस भारी बढ़त को महज ‘आंकड़ों का खेल’ मानने से इनकार कर दिया। इंटरव्यू के दौरान उन्होंने सीधा वार किया और कहा कि यह उन लोगों के लिए एक कड़ा संदेश है जो अब तक ठाकुरद्वारा की जनता को केवल ‘वोट बैंक’ समझते आए हैं। दरअसल, मुजाहिद अली इस समर्थन को एक बड़ी जिम्मेदारी और जनता की खामोश बगावत का संकेत मान रहे हैं। बताया जा रहा है कि जमीन पर उनकी सक्रियता और लोगों से सीधे जुड़ाव ने उन्हें उस मुकाम पर पहुंचा दिया है, जहां अब वह सीधे विधायक पद के दावेदारों को चुनौती दे रहे हैं।

सर्वे में ऐसा क्या है जिसने सबको ‘सन्न’ कर दिया?

ठाकुरद्वारा की राजनीति को करीब से समझने वाले जानकारों का मानना है कि यह सर्वे केवल मोबाइल स्क्रीन तक सीमित नहीं है। सर्वे के नतीजे बताते हैं कि युवा और आम जनता अब पुराने चेहरों और पुराने वादों से ऊब चुकी है। जब UPUKLive ने मुजाहिद अली से उनकी इस ‘सीक्रेट’ लोकप्रियता का राज पूछा, तो उन्होंने बड़े ही सधे हुए अंदाज में कहा, “दिखावे की राजनीति का दौर अब खत्म हो चुका है। लोग अब उसे चाहते हैं जो उनके बीच खड़ा हो, न कि वह जो चुनाव के वक्त नज़र आए।”

असल में, मुजाहिद अली का फोकस अब उन मुद्दों पर है जिन्हें सालों से नजरअंदाज किया गया। वह ठाकुरद्वारा के बुनियादी ढांचे की जर्जर हालत को अपनी सबसे बड़ी जंग मान रहे हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, मुजाहिद ने जिस तरह से गांव-गांव जाकर अपनी पकड़ मजबूत की है, उसने पारंपरिक राजनीतिक घरानों के पसीने छुड़ा दिए हैं।

100 दिनों का ‘विस्फोटक’ रोडमैप: क्या होगा बड़ा बदलाव?

मुजाहिद अली ने बातचीत के दौरान एक ऐसी योजना का जिक्र किया जिसे वह अपना ‘विस्फोटक रोडमैप’ कह रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि अगर जनता का यही प्यार उन्हें निर्णायक भूमिका तक पहुंचाता है, तो पहले 100 दिनों के भीतर ठाकुरद्वारा में वह काम होंगे जो पिछले 20 सालों में नहीं हुए। सड़क, बिजली और पानी की समस्या तो उनकी लिस्ट में है ही, लेकिन उनका असली प्रहार सरकारी सिस्टम में फैले भ्रष्टाचार पर होगा।

बताया जा रहा है कि मुजाहिद अली युवाओं के लिए कुछ ऐसा प्लान कर रहे हैं जो ठाकुरद्वारा को एक ‘एजुकेशन और स्किल हब’ के रूप में पहचान दिलाएगा। उन्होंने साफ कहा कि युवाओं को अब काम के लिए शहरों की ओर भागने की जरूरत नहीं होगी। शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में उन्होंने जो विजन पेश किया है, वह धरातल पर कितना उतरेगा यह तो वक्त बताएगा, लेकिन उनके इस दावे ने चुनावी चर्चा को एक नई दिशा जरूर दे दी है।

विरोधियों को खुली चुनौती: “मैदान में आइए, सोशल मीडिया पर नहीं”

विरोधियों द्वारा सर्वे को ‘मैनेज्ड’ बताने के आरोपों पर मुजाहिद अली ने बेबाकी से जवाब दिया। उन्होंने कहा, “जो लोग सर्वे पर सवाल उठा रहे हैं, दरअसल वे जनता के गुस्से से डरे हुए हैं।” उनका सीधा कहना है कि सोशल मीडिया तो सिर्फ एक आईना है, असली मुकाबला तो ठाकुरद्वारा की सड़कों और गलियों में है।

ठाकुरद्वारा की बदली हुई इस सियासी फिजा में मुजाहिद अली का आत्मविश्वास उनके विरोधियों के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। उन्होंने अंत में जनता का आभार जताते हुए कहा कि वह इस भरोसे की लाज रखने के लिए अपनी जान तक लड़ा देंगे। अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या यह सर्वे का शोर वाकई किसी बड़े सियासी भूकंप की आहट है?