CM धामी बोले- 40 हजार घरों में लगे सोलर प्लांट, आम आदमी का कम होगा बिजली बिल

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Uttarakhand Solar Energy-देहरादून: ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर और ‘हरित राज्य’ (Green State) बनने की दिशा में उत्तराखंड तेजी से कदम बढ़ा रहा है। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को अपने कैंप कार्यालय में काउंसिल ऑन एनर्जी, इन्वायरनमेंट एंड वॉटर (CEEW) द्वारा तैयार की गई ‘सौर जागरूकता स्मारिका पुस्तिका’ का विमोचन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल केवल एक पुस्तिका का विमोचन नहीं है, बल्कि उत्तराखंड के उज्ज्वल और सुरक्षित भविष्य के निर्माण के सामूहिक संकल्प का प्रतीक है।

रूफटॉप सोलर में 10 गुना वृद्धि और ऐतिहासिक रिकॉर्ड मुख्यमंत्री धामी ने राज्य की ऐतिहासिक उपलब्धियों को साझा करते हुए बताया कि ‘पीएम सूर्य घर योजना’ के अंतर्गत उत्तराखंड आज देश के शीर्ष (Top) राज्यों की श्रेणी में पहुंच चुका है।

  • राज्य ने 40 हजार रूफटॉप सोलर संयंत्रों का अपना प्रारंभिक लक्ष्य निर्धारित समय से पहले ही प्राप्त कर लिया है।
  • इसके साथ ही, निर्धारित संयंत्रों के लक्ष्य का लगभग 95% कार्य पूरी तरह से संपन्न हो चुका है।
  • वर्ष 2024 से लेकर अब तक, मात्र दो वर्षों में राज्य ने अपनी सौर ऊर्जा क्षमता में लगभग 10 गुना वृद्धि दर्ज की है, जो ऊर्जा के क्षेत्र में एक मील का पत्थर है।
  • उत्तराखंड वर्तमान में लगभग 290 मेगावाट क्षमता के रेजिडेंशियल रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित करने में सफल रहा है।

‘सौर ऊर्जा अब विकल्प नहीं, सुरक्षित भविष्य की जरूरत’ वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरी दुनिया जलवायु परिवर्तन और ऊर्जा संकट का सामना कर रही है। ऐसे समय में सौर ऊर्जा केवल एक विकल्प नहीं है, बल्कि हमारी आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए एक नितांत आवश्यकता बन चुकी है।

‘टीम उत्तराखंड’ के प्रयासों की सराहना मुख्यमंत्री ने राज्य में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए यूपीसीएल (UPCL), उरेडा (UREDA), क्षेत्रीय अधिकारियों और CEEW की टीम के समन्वित प्रयासों की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि ‘सौर कौथिग’, जन-जागरूकता अभियानों और नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से प्रदेश भर में स्वच्छ ऊर्जा के प्रति एक सकारात्मक माहौल तैयार हुआ है।

आम आदमी को मिलेगा सीधा फायदा मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य केवल सोलर प्लांट लगाना नहीं है, बल्कि हर नागरिक को इस ‘स्वच्छ ऊर्जा क्रांति’ का सक्रिय भागीदार बनाना है। छतों पर सोलर प्लांट लगने से आम जनता के बिजली बिलों में भारी कमी आएगी, पर्यावरण का संरक्षण होगा और उत्तराखंड पूरे देश के सामने नवीकरणीय ऊर्जा (Renewable Energy) का एक आदर्श मॉडल बनकर उभरेगा।

इस अहम कार्यक्रम में विधायक श्री सुरेश गड़िया, प्रमुख सचिव डॉ. आर. मीनाक्षी सुन्दरम, सचिव श्री विनय शंकर पांडेय, CEEW के सीईओ डॉ. अरुणाभ घोष, पिटकुल (PTCUL) के प्रबंध निदेशक डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट और यूपीसीएल के एमडी श्री जी.एस. बुदियाल सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।