चमोली/देहरादून: उत्तराखंड के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में साहसिक पर्यटन (Adventure Tourism) को एक नई पहचान दिलाने के लिए राज्य सरकार और भारतीय सेना एक बड़ा कदम उठाने जा रहे हैं। आगामी 31 मई और 1 जून 2026 को भारत-तिब्बत सीमा से लगी सीमान्त नीति घाटी में “नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन 2026” का भव्य आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन उत्तराखंड पर्यटन विभाग और भारतीय सेना की एक संयुक्त पहल है।
अद्भुत प्राकृतिक सौंदर्य और संस्कृति का संगम नीति घाटी अपनी रहस्यमयी सुंदरता, दुर्गम हिमालयी भू-भाग और समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं के लिए विश्वविख्यात है। “नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन” सिर्फ एक दौड़ नहीं है, बल्कि देश भर से आने वाले प्रतिभागियों के लिए हिमालय की प्राकृतिक भव्यता, रोमांचकारी ट्रैकिंग रूट्स और यहाँ की स्थानीय संस्कृति से रूबरू होने का एक सुनहरा अवसर है। इस आयोजन के माध्यम से सीमांत क्षेत्रों की सांस्कृतिक और प्राकृतिक विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर एक नई पहचान मिलेगी।
स्थानीय रोजगार और ‘होमस्टे’ को मिलेगा बड़ा बूस्ट यह आयोजन खेल और रोमांच के साथ-साथ साहस, धैर्य और अन्वेषण (Exploration) की भावना का उत्सव है। पर्यटन विभाग का मुख्य उद्देश्य सीमांत क्षेत्रों में ‘सतत पर्यटन’ (Sustainable Tourism) को बढ़ावा देना है। इस तरह के आयोजनों से स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों में तेजी आएगी। घाटी में संचालित ‘होमस्टे’ (Homestays), स्थानीय पारंपरिक उत्पादों और पर्यटन से जुड़ी अन्य गतिविधियों को सीधा लाभ मिलेगा, जिससे पलायन रोकने और रोजगार सृजन में मदद मिलेगी।
सेना, ITBP और जिला प्रशासन की चाक-चौबंद व्यवस्था इस उच्च हिमालयी और दुर्गम क्षेत्र में आयोजन को सफल और सुरक्षित बनाने के लिए भारतीय सेना और आईटीबीपी (ITBP) पर्यटन विभाग के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम कर रहे हैं। प्रतिभागियों और पर्यटकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए:
- आवास और पेयजल की पुख्ता व्यवस्था की गई है।
- किसी भी आपात स्थिति के लिए मेडिकल टीम और संचार (Communication) व्यवस्था को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
- जिला प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय स्थापित कर समय से सारी तैयारियां पूरी करने के सख्त निर्देश दिए हैं, ताकि धावकों को एक सुरक्षित और सुव्यवस्थित आयोजन का अनुभव मिल सके।