बागेश्वर और लोहाघाट में भी कुदरत का कहर, 250 ग्राम तक के ओले, कुर्सियों में हो गए छेद

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पिथौरागढ़: उत्तराखंड के कुमाऊं मंडल में मौसम ने अचानक भयानक रूप ले लिया है। पिथौरागढ़, बागेश्वर और चंपावत जिले के लोहाघाट क्षेत्र में भारी ओलावृष्टि ने जमकर तबाही मचाई है। हालात इतने खौफनाक थे कि आसमान से बर्फ के बड़े-बड़े गोले गिरे, जिसने लोगों को दहशत में डाल दिया। मौसम विज्ञान केंद्र ने अब पूरे प्रदेश के सभी जनपदों में बारिश का अलर्ट जारी किया है।

250 ग्राम तक के ओले, कुर्सियों में हो गए छेद

ओलावृष्टि का सबसे भयावह मंजर पिथौरागढ़ जिले में देखने को मिला। स्थानीय लोगों के अनुसार, यहां आसमान से लगभग 250 ग्राम तक के वजनी और विशालकाय ओले गिरे हैं। इन ओलों के गिरने की रफ्तार और ताकत इतनी ज्यादा थी कि घरों के बाहर रखी मजबूत प्लास्टिक की कुर्सियों तक में छेद हो गए। कुछ गाड़ियों के शीशे चटकने की भी खबरें हैं। इस भारी ओलावृष्टि से किसानों की तैयार फसलों और फलों के बगीचों (विशेषकर सेब और आड़ू) को भारी नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है।

बागेश्वर और लोहाघाट में भी कुदरत का कहर

पिथौरागढ़ के अलावा, बागेश्वर जनपद और लोहाघाट क्षेत्र में भी तेज आंधी-तूफान के साथ भारी ओलावृष्टि हुई है। अचानक बदले मौसम के इस मिजाज से तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है और मई के अंत में लोगों को ठिठुरन का अहसास होने लगा है। ओलावृष्टि के समय लोग अपनी जान और वाहनों को बचाने के लिए सुरक्षित ठिकानों की ओर भागते नजर आए।

सभी जनपदों में बारिश का अलर्ट जारी

मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने के कारण राज्य के मौसम में यह अचानक बदलाव आया है। मौसम विभाग ने अगले 24 से 48 घंटों के लिए प्रदेश के सभी जिलों में हल्की से मध्यम बारिश और आंधी-तूफान की संभावना जताई है। पहाड़ी जनपदों के साथ-साथ मैदानी इलाकों में भी तेज झोंकेदार हवाएं चलने के आसार हैं। प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने और बेवजह यात्रा न करने की अपील की है।