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बद्रीनाथ हाईवे पर झारखंड के श्रद्धालुओं से भरी बस का ब्रेक फेल, चट्टान से टकराई

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बद्रीनाथ से दर्शन कर लौट रहे थे तीर्थयात्री, ड्राइवर की सूझबूझ और जवानों की तत्परता से टली बड़ी जनहानि

चमोली/बद्रीनाथ। देवभूमि उत्तराखंड में बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक बड़ा और खौफनाक सड़क हादसा होने से बाल-बाल बच गया। बद्रीनाथ धाम के दर्शन कर हरिद्वार लौट रही झारखंड के श्रद्धालुओं से भरी एक बस का पहाड़ी ढलान पर अचानक ब्रेक फेल हो गया। बस को गहरी खाई में गिरने से बचाने के लिए चालक ने सूझबूझ दिखाई और बस को पहाड़ की चट्टान से टकरा दिया। मौके पर देवदूत बनकर पहुंचे आईटीबीपी (ITBP) के जवानों ने त्वरित रेस्क्यू कर बस में सवार सभी 32 यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

खाई की तरफ जा रही थी बस, मची चीख-पुकार प्राप्त जानकारी के अनुसार, झारखंड के 32 तीर्थयात्रियों का एक जत्था भगवान बद्रीविशाल के दर्शन करने के बाद बस (टूरिस्ट बस) से वापस हरिद्वार की ओर जा रहा था। रास्ते में उतरते समय अचानक बस के ब्रेक ने काम करना बंद कर दिया। जैसे ही यात्रियों को ब्रेक फेल होने का पता चला, बस में दहशत फैल गई और चीख-पुकार मच गई। नीचे गहरी खाई और उफनती नदी को देखकर यात्रियों की सांसें अटक गईं।

ड्राइवर ने चट्टान से भिड़ाई गाड़ी स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए बस चालक ने अपना धैर्य नहीं खोया। उसने सूझबूझ का परिचय देते हुए स्टेयरिंग पर नियंत्रण बनाए रखा और बस को खाई की तरफ जाने से रोकने के लिए उसे जानबूझकर सड़क किनारे पहाड़ की एक बड़ी चट्टान से टकरा दिया। जोरदार टक्कर के बाद बस वहीं रुक गई, जिससे एक बड़ा और जानलेवा हादसा टल गया।

ITBP के जवान बने देवदूत, किया त्वरित रेस्क्यू घटनास्थल के समीप ही मुस्तैद भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के जवानों को जैसे ही हादसे की भनक लगी, वे तुरंत मौके पर पहुंच गए। जवानों ने बिना समय गंवाए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। उन्होंने बस का दरवाजा और आपातकालीन खिड़कियां खोलकर सभी घबराए हुए 32 यात्रियों को एक-एक कर सुरक्षित बाहर निकाला।

सुरक्षित हैं सभी यात्री, प्रशासन ने की दूसरी व्यवस्था गनीमत यह रही कि इस खौफनाक हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई। टक्कर के कारण कुछ यात्रियों को मामूली खरोंचें आई हैं। आईटीबीपी के जवानों ने यात्रियों को प्राथमिक उपचार (फर्स्ट एड) दिया और उनके लिए पीने के पानी व चाय-नाश्ते की व्यवस्था कर उन्हें ढांढस बंधाया। स्थानीय प्रशासन और पुलिस भी सूचना मिलते ही मौके पर पहुंच गई। यात्रियों को सुरक्षित उनके गंतव्य (हरिद्वार) तक पहुंचाने के लिए प्रशासन द्वारा दूसरे वाहन की व्यवस्था की जा रही है।

बाल-बाल बचे श्रद्धालुओं ने नई जिंदगी मिलने पर भगवान बद्रीविशाल और आईटीबीपी के जवानों का नम आंखों से आभार व्यक्त किया।