हरिद्वार से अगवा 3 साल की बच्ची दिल्ली से बरामद, 5 लाख में बेचते थे

ताजा खबरों का अपडेट लेने के लिये ग्रुप को ज्वाइन करें Join Now

हरिद्वार/नई दिल्ली। पुलिस ने मासूम बच्चों का अपहरण कर उन्हें ऊंचे दामों पर बेचने वाले एक शातिर अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। यह मानव तस्करी गिरोह चुराए गए बच्चों का 5 लाख रुपये में सौदा करता था। पुलिस ने इस गिरोह के चंगुल से हरिद्वार से अगवा की गई तीन साल की एक मासूम बच्ची को दिल्ली से सकुशल बरामद कर लिया है। गिरोह के सदस्यों की गिरफ्तारी से बाल तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है।

हरिद्वार से किया था अपहरण, दिल्ली में मिला सुराग प्राप्त जानकारी के अनुसार, हरिद्वार से कुछ समय पूर्व एक तीन वर्षीय बच्ची अचानक लापता हो गई थी। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने तुरंत मुकदमा दर्ज कर बच्ची की तलाश शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए कई टीमें गठित की गईं। सीसीटीवी फुटेज, सर्विलांस और मुखबिरों की सूचना के आधार पर पुलिस की जांच के तार दिल्ली तक जा पहुंचे। इसके बाद पुलिस ने दिल्ली में एक सटीक लोकेशन पर छापेमारी कर बच्ची को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया।

ऐसे काम करता था गिरोह: हर सदस्य का काम था तय गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में पुलिस को गिरोह के काम करने के तरीके (मॉडस ऑपरेंडी) के बारे में चौंकाने वाली जानकारियां मिली हैं। यह गिरोह पूरी तरह से संगठित (ऑर्गेनाइज्ड) तरीके से काम कर रहा था। गिरोह में शामिल सदस्यों की जिम्मेदारियां चोरी से लेकर सौदे तक बिल्कुल स्पष्ट रूप से बंटी हुई थीं:

  • रेकी और अपहरण: गिरोह का एक हिस्सा भीड़भाड़ वाले इलाकों, रेलवे स्टेशनों और धार्मिक स्थलों पर रेकी करता था और मौका पाते ही बच्चों को चुरा लेता था।
  • ट्रांसपोर्टेशन: अपहरण के तुरंत बाद, दूसरे सदस्य सक्रिय हो जाते थे जिनका काम बच्चे को पुलिस की नजरों से बचाकर दूसरे राज्य (जैसे दिल्ली) तक सुरक्षित पहुंचाना होता था।
  • सौदा और डिलीवरी: गिरोह का तीसरा हिस्सा एजेंट के रूप में काम करता था। ये लोग निसंतान दंपतियों या अन्य खरीदारों की तलाश करते थे और 5 लाख रुपये में बच्चे का सौदा पक्का कर डिलीवरी देते थे।

अन्य मामलों के खुलने की संभावना हरिद्वार पुलिस इस बड़ी कामयाबी के बाद अब पकड़े गए आरोपियों से सख्ती से पूछताछ कर रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस गिरोह ने अब तक कितने बच्चों को अपना शिकार बनाया है और उनके तार किन-किन राज्यों से जुड़े हुए हैं। इस खुलासे के बाद अन्य लापता बच्चों के मामलों के भी सुलझने की उम्मीद बंध गई है। बच्ची के सकुशल मिलने पर परिजनों ने पुलिस प्रशासन का आभार व्यक्त किया है।