अल्मोड़ा/देहरादून। उत्तराखंड में एक बार फिर मौसम का मिजाज तेजी से बदलने वाला है। मौसम विज्ञान केंद्र (IMD) ने राज्य के पहाड़ी और मैदानी इलाकों में अगले 48 घंटों के भीतर भारी बारिश और ओलावृष्टि की गंभीर चेतावनी जारी की है। विभाग ने अल्मोड़ा सहित राज्य के 8 प्रमुख जिलों के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है। इसके साथ ही कुछ संवेदनशील इलाकों में आकाशीय बिजली चमकने और तेज अंधड़ चलने की भी आशंका जताई गई है।
इन 8 जिलों में रहेगा मौसम का सबसे ज्यादा असर
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने के कारण राज्य के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। जिन जिलों के लिए मुख्य रूप से अलर्ट जारी किया गया है, उनमें शामिल हैं:
- अल्मोड़ा
- पिथौरागढ़
- बागेश्वर
- चमोली
- उत्तरकाशी
- रुद्रप्रयाग
- देहरादून
- पौड़ी गढ़वाल
तेज हवाओं और ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान की आशंका
मौसम विभाग के बुलेटिन के अनुसार, बारिश के दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं (झक्कड़) चल सकती हैं। कई मैदानी और पर्वतीय इलाकों में भारी ओलावृष्टि होने की प्रबल संभावना है, जिससे काश्तकारों की फसलों और फलों के बगीचों को भारी नुकसान पहुंच सकता है।
प्रशासन अलर्ट पर, पर्यटकों के लिए विशेष अपील
लगातार होने वाली संभावित बारिश के मद्देनजर पहाड़ी रास्तों पर भूस्खलन (Landslide) और चट्टानें गिरने का खतरा बढ़ गया है। आपदा प्रबंधन विभाग ने सभी जिलाधिकारियों को अलर्ट पर रहने और संवेदनशील मार्ग पर राहत दल तैनात करने के निर्देश दिए हैं।
प्रशासन की चेतावनी: पहाड़ी क्षेत्रों की यात्रा कर रहे पर्यटकों और चारधाम तीर्थयात्रियों को सलाह दी गई है कि वे मौसम की सटीक जानकारी लेने के बाद ही अपनी यात्रा आगे बढ़ाएं। साथ ही स्थानीय लोगों से नदी-नालों के किनारे न जाने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की गई है।

लेखक के बारे में
असिस्टेंट एडिटर
मयंक त्रिगुण Jagruk Youth News में असिस्टेंट एडिटर हैं। इनके पास इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में 16 वर्षों से अधिक का अनुभव है। राजनीति, समसामयिक मामलों, न्यायपालिका से जुड़े विषयों पर लिखने में उनकी गहरी रुचि है। मुरादाबाद के टीएमयू (TMU University) से MJMC (MA) की पढ़ाई पूरी करने के बाद से वह छह साल से अधिक समय से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं।

