‘सेल्फी’ का शौक बना काल: गंगा की तेज धार में बहा सॉफ्टवेयर इंजीनियर

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उत्तराखंड के ऋषिकेश-बदरीनाथ रूट से एक बेहद दर्दनाक और हैरान कर देने वाली खबर सामने आई है। यहां पहाड़ों के बीच बहती मां गंगा की लहरों के साथ ‘सेल्फी’ लेने का शौक एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर के लिए जानलेवा साबित हो गया। नदी के किनारे एक परफेक्ट फोटो क्लिक करने के चक्कर में अचानक पैर फिसला और यह युवक देखते ही देखते उफनती गंगा की तेज धार में समा गया।

इस दिल दहला देने वाले हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। साथ गए दोस्तों की आंखों के सामने ही लहरें उनके दोस्त को बहा ले गईं और वे बेबस होकर बस चीखते रह गए।

कौड़ियाला में हुआ ये खौफनाक हादसा

जानकारी के मुताबिक, यह खौफनाक हादसा ऋषिकेश के करीब स्थित कौड़ियाला (Kaudiyala) में हुआ है। कौड़ियाला अपने खूबसूरत बीच (Beach) और रिवर राफ्टिंग के लिए पर्यटकों के बीच काफी मशहूर है। बताया जा रहा है कि यह सॉफ्टवेयर इंजीनियर अपने दोस्तों के साथ यहां घूमने आया था। गंगा के किनारे पत्थरों पर खड़े होकर वह अपने मोबाइल से सेल्फी ले रहा था, तभी पत्थरों पर काई या नमी के कारण उसका पैर फिसल गया। गंगा का बहाव इतना तेज था कि उसे संभलने या किसी को उसे बचाने का एक भी मौका नहीं मिला।

हादसे से जुड़ी 4 बड़ी बातें:

  • कहाँ हुआ हादसा: देवभूमि उत्तराखंड के कौड़ियाला (ऋषिकेश के पास) में।
  • हादसे का शिकार: एक पेशेवर सॉफ्टवेयर इंजीनियर।
  • वजह: उफनती गंगा के बिल्कुल किनारे जाकर खतरनाक स्थिति में सेल्फी लेना।
  • रेस्क्यू स्टेटस: लापता इंजीनियर की तलाश में गोताखोरों की मदद से सघन सर्च ऑपरेशन जारी है।

SDRF की टीम कर रही है जिंदगी की तलाश

हादसे की सूचना जैसे ही स्थानीय पुलिस को मिली, बिना वक्त गंवाए SDRF (स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स) की डीप डाइविंग (Deep Diving) टीम मौके पर पहुंच गई। SDRF के अनुभवी गोताखोर उफनती नदी में उतरकर लगातार लापता युवक की तलाश कर रहे हैं। हालांकि, गंगा के तेज बहाव और ठंडे पानी के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

एडवाइजरी: जान है तो जहान है!

पुलिस और प्रशासन लगातार पर्यटकों से अपील करता आ रहा है कि गंगा के किनारे खतरनाक सेल्फी पॉइंट या गहरे पानी वाले स्थानों पर न जाएं। चंद लाइक्स और एक अच्छी तस्वीर के चक्कर में अपनी अनमोल जान को जोखिम में डालना समझदारी नहीं है।